नव निर्वाचित जमुई सांसद के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते आदिवासी समाज के लोग
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बिहार के जमुई जिला मुख्यालय स्थित कचहरी चौक के पास बाबा साहब भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल के समक्ष पिछले 12 दिनों से तीन सूत्री मांगों को लेकर आदिवासी समाज के लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। आदिवासी समाज के लोगों ने शुक्रवार को शपथ ग्रहण से पहले नव निर्वाचित जमुई सांसद अरुण भारती का पुतला दहन किया। साथ ही ‘जमुई सांसद अरुण भारती मुर्दाबाद’ के नारे लगाए।
इस दौरान भाकपा माले नेता बाबू साहब सिंह ने कहा कि नव निर्वाचित सांसद अरुण भारती पिछले तीन दिनों से जमुई में रह कर जनता की समस्याओं पर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। कल ही जिला संवाद कक्ष में सांसद अरुण भारती की अध्यक्षता में इस दिशा में बैठक हुई। पिछले 12 दिनों से धरने पर सैकड़ों की संख्या में आदिवासी महिला, पुरुष, बूढ़े और बच्चे बैठे हैं। हमारी वन अधिकार कानून लागू करने, चकाई प्रखंड अंतर्गत पोझा पंचायत के पचकठिया में वर्षों से लंबित पड़े नवीन प्राथमिक विद्यालय के निर्माण कराने व अंग्रेजी हुकूमत से अपने जल, जंगल, जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ते हुए सभी प्रखंड मुख्यालय में सिध्दो-कान्हो के आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग है। लेकिन तीन दिन जमुई में रहने के बाबजूद नव निर्वाचित सांसद धरनार्थियों से मिलने तक नहीं आए। यह आदिवासी समाज के लोगों के लिए दुर्भाग्य की बात है। इसी से आक्रोशित धरनार्थियों ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित कचहरी चौक पर सांसद का पुतला दहन किया।
बाबू साहब सिंह ने कहा कि धरना पर बैठे अनुसूचित जाति, जनजाति के समाज की मांगों पर चुप्पी साध लेना और चर्चा तक नहीं करना जनजाति समाज की उपेक्षा करना है। वहीं, धरनार्थी संजय रॉय ने कहा कि सभी प्रखंड मुख्यालय में अमर शहीद सिध्दो-कान्हो की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग को लेकर अभी तक डीएम द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं देना शहीदों का अपमान है। इस मौके पर रमेश यादव, बासुदेव रॉय, प्रदीप मंडल, एतवा हेम्ब्रम, किसुन हासदा, चहरि देवी, सीताराम यादव, बुधु नैया, अगहनु पुजहर, फेकू यादव, कुसमी देवी और राजू पुजहर समेत कई लोग मौजूद रहे।