सिवान में फिर से मतदान कराने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे मां-बेटे की तबीयत बिगड़ गई। युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, उनकी मां को निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। चार वोटों से मुखिया का चुनाव हार जाने के बाद मां-बेटे ने फिर से चुनाव कराने की मांग की, लेकिन दोनों की मांग को ठुकरा दिया गया। जिसके बाद दोनों दरौली प्रखंड मुख्यालय में चार दिन से अनशन पर बैठे हुए थे।
पिछले इसी महीने 12 दिसंबर को पंचायत चुनाव के 11वें चरण में सिवान के दरौली प्रखंड में मतदान के बाद 14 दिसम्बर को शहर के डायट भवन में मतगणना हुई थी। जहां मात्र 4 वोटों के अंतर से हारी तीयर पंचायत की मुखिया प्रत्याशी गायत्री देवी चुनाव हार गई हैं। 12 दिसंबर को पंचायत चुनाव के 11वें चरण में सिवान के दरौली प्रखंड में मतदान के बाद 14 दिसबंर को शहर के डायट भवन में मतगणना हुई थी। जहां मात्र 4 वोटों के अंतर से हार गई। जिसके बाद गायत्री देवी और उनके बेटे दोनों ने पंचायत में फिर से मतदान कराने की मांग की, लेकिन प्रशासन द्वारा उनकी मांग नहीं मानी गई, जिसके बाद दोनों ने प्रखंड कार्यालय में ही भूख हड़ताल शुरू कर दी। पिछले चार दिन से दोनों अनशन पर बैठे हुए हैं। बिहार में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसी बीच दोनों की तबीयत खराब हो गई है।
धरना स्थल पर एक दिन भी नहीं पहुंचा प्रशासन
प्राप्त जानकारी के अनुसार,रविवार की शाम आमरण अनशन पर बैठे मां-बेटे के सीने में दर्द होने लगा, लेकिन फिर भी कोई प्रशासन का कोई पूछने तक नहीं आया और ना ही कोई मेडिकल टीम पहुंची, जिसके बाद दोनों की तबीयत ज्यादा ही बिगड़ गई। वहीं के स्थानीय लोग दोनों को अलग अलग अस्पताल लेकर पहुंचे। फिलहाल दोनों की स्थिति सामान्य है।