पिछले आठ दशक में पहली बार किए गए सामाजिक, आर्थिक और जाति आधारित जनगणना की जारी की गई रिपोर्ट में सरकार ने जाति संबंधी आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
माना जा रहा है कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए ऐसा किया गया है। सरकार ने कहा है कि उसका आर्थिक आंकड़ों से लेना देना है, जिससे कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उसे सहायता मिलेगी।
बिहार चुनाव से पहले जाति के बारे में आंकड़े जारी करने से सरकार के बचने संबंधी सवाल पर ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। इसे चुनाव से जोड़ना ठीक नहीं है। यह जनगणना महानिदेशक के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्हें तय करना है कि वह क्या सोचते हैं। वे ही टिप्पणी कर सकते हैं।