फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News : शराब धंधेबाजों की मुखबिरी पर बिहार में सजा; सीएम के गृह जिले में युवक की गला रेत हत्या

Sat, 08 Jul 2023 01:27 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा

सार

Liquor Ban in Bihar : बिहार में शराब से मरने वालों को मुआवजा मिलना शुरू हो गया है। दूसरी तरफ शराब के धंधेबाजों की मुखबिरी करने पर भी सजा की खबरें बार-बार सामने आ रही हैं। ताजा मामला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले का है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार के नालंदा में शुक्रवार देर शाम बदमाशों ने एक युवक की गला रेत कर हत्या कर दी। मामला अस्थावां थाना क्षेत्र के जीयर गांव का है। मृतक की पहचान सुमंत सिंह के बेटे रजनीश कुमार (40) के रूप में की गई है। घटना के बारे में रजनीश कुमार के भाई कारू सिंह ने बताया कि पुलिस मुखबिरी के शक में गांव के ही दूसरे पक्ष के लोगों ने हसुली से उसकी गला रेत कर हत्या कर दी। कारू सिंह ने बताया कि उनका भाई खेत से ट्रैक्टर लाने के लिए जा रहा था।

विज्ञापन


पुलिस की छापेमारी के बाद घेरकर मार डाला
शुक्रवार की शाम पुलिस शराब धंधेबाज के खिलाफ छापेमारी करने के लिए गांव पहुंची थी। पुलिस की भनक पाकर धंधेबाज मौके से फरार हो गया। वहीं, जब पुलिस के लौटने के बाद रजनीश कुमार अपने खेत की ओर ट्रैक्टर लाने के लिए जा रहा था तो शराब धंधेबाज ने उसे पुलिस मुखबिरी के शक में पकड़ लिया और घेरकर हसुली से गला काट दिया। इस मामले में सदर एसडीपीओ डॉ. शिब्ली नोमानी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस गांव पहुंची। उसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है। इस मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

गांव में सन्नाटा, कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं
इस घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया है। मृतक रजनीश कुमार के दो बच्चे हैं। वह ट्रैक्टर के जरिए जीविकोपार्जन कर अपना और अपने बच्चों का भरणपोषण कर रहा था। गांव के लोग शराबबंदी के बावजूद शराब की बिक्री और पियक्कड़ों के कारण परेशान थे, लेकिन अब पुलिस को ऐसे धंधे की सूचना दिए जाने के कारण हत्या की बात सामने आने के बाद से लोग कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें