माथे से टपकते पसीने के बीच शराब की दुकान पर बैठा सेल्समैन लगातार ग्राहकों को शराब की बोतलें बेचने में व्यस्त है, लेकिन घंटों की मशक्कत के बाद भी दुकान के बाहर से भीड़ टूटने का नाम नहीं ले रही।
यह नजारा है यूपी के बलिया जिले के भरौली इलाके में स्थित शराब की दुकानों का। बिहार में शराब पर बैन लगने के बाद शराब के खरीददारों की भीड़ यूपी के सीमांत इलाकों की शराब की दुकानों पर बढ़ गई है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार बिहार के बक्सर जिले के काफी लोग शराब खरीदने के लिए इन्हीं दुकानों पर आते हैं। एक दुकानदार ने बताया कि बिहार में बैन लगने से कुछ दिन पहले तक दुकान के लाइसेंस की फीस और अन्य खर्चों की भरपाई करना भी मुश्किल था, लेकिन बिहार में बैन लगते ही स्थितियां अचानक बदल गई हैं।
भरौली क्षेत्र में शराब की बिक्री एकाएक तेजी से ऊपर गई है। यहां की शराब की दुकानों पर हर उम्र के लोग हर समय लाइन लगाए दिख जाएंगे। इनमें से काफी संख्या में बक्सर जिले से आने वाले बिहारी लोगों की है।
बिहार के कैमूर जिले के दुर्गावती इलाके के लोग नाव के सहारे कर्मनासा नदी पार करके चंदौली जिले के नौबतपुर में शराब खरीदने आते हैं। बक्सर जिले के 30 वर्षीय राजेश कुमार बताते हैं भरौली हमसे कुछ मील की दूरी पर है। मैं और मेरा दोस्त शराब के लिए अमूमन हर शाम भरौली आते हैं और वापस लौट जाते हैं।
सीमांत इलाकों में 3 हजार फीसदी तक बढ़ी शराब की बिक्री
आवेदक सभी औपचारिकताएं पूरी कर 30 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं।
शराब के एक और शौकीन कमलेश सिंह ने बताया कि हम खुशकिस्मत हैं जो यूपी के नजदीकी इलाकों में रहते हैं। हमें कोई दूरी भी महसूस नहीं होती। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें यहां तक पहुंचने के लिए घंटों की दूरी तय करनी पड़ती है। तपती गर्मी में ये लोग बीयर के कुछ कैन खरीदने के लिए लंबा सफर तय करते हैं।
शराब की लाइसेंसी दुकानों पर पिछले कुछ समय में बिक्री में जोरदार इजाफा हुआ है। आबकारी विभाग के रिकार्ड के अनुसार चंदौली जिले के भावराह में शराब की दुकानों पर पिछले साल तक अप्रैल के महीने में शराब की 40 के करीब बोतलें बिकती थीं, लेकिन इस साल 1 अप्रैल से 25 अप्रैल तक 1238 बोतलें बिक चुकी हैं।
औसतन शराब की बिक्री में 3000 फीसदी तक की वृद्िध हुई है। वहीं नौबतपुर इलाके में पिछले अप्रैल के मुकाबले बिक्री में 800 फीसदी की वृद्िध हुई है।
एक शराब कंपनी के मैनेजर राजेन्द्र सिंह बताते हैं कि यूपी के बिहार से लगते इलाकों में शराब की बिक्री में कभी अच्छा मुनाफा नहीं हुआ करता था, लेकिन अब वहां हालात बदल चुके हैं।