विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए भूमि सुधार और राजस्व मंत्री राम सूरत राय ने कहा कि उनके विभाग ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उन क्षेत्रों की पहचान करने के लिए एक प्रक्रिया शुरू की है जहां निजी पार्टियों ने राज्य के स्वामित्व वाली भूमि पर कब्जा कर लिया है।
बिहार में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करने वालों पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। बिहार सरकार के एक मंत्री ने गुरुवार को कहा कि नीतीश सरकार ने अगले साल मार्च तक सभी सरकारी जमीनों पर से अतिक्रमण हटाने के लिए एक विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है।
विज्ञापन
विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए भूमि सुधार और राजस्व मंत्री राम सूरत राय ने कहा कि उनके विभाग ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उन क्षेत्रों की पहचान करने के लिए एक प्रक्रिया शुरू की है जहां निजी पार्टियों ने राज्य के स्वामित्व वाली भूमि पर कब्जा कर लिया है।
उन्होंने कहा कि 'अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान किसी भी दिन शुरू हो सकता है और यह कड़ी कार्रवाई होगी। राज्य सरकार ने मार्च, 2023 तक सरकारी जमीन को किसी भी तरह के अतिक्रमण से मुक्त करने का फैसला किया है।'
विज्ञापन
उन्होंने सभी संबंधितों लोगों से अपील करते हुए कहा कि इससे पहले कि प्रशासन अपने संसाधनों को नियंत्रण में लेने के लिए अपनी मशीनरी का उपयोग करे, सरकारी भूमि को मुक्त करने के लिए खुद प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यह अभियान वाणिज्यिक और आवासीय दोनों क्षेत्रों में चलाया जाएगा।
राय ने कहा, "विभाग ने उन स्थानों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जहां निजी पार्टियों द्वारा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। हम जानते हैं कि भू-माफियाओं ने कुछ क्षेत्रों में सरकारी संसाधनों पर अतिक्रमण किया है। इन सभी को हटा दिया जाएगा, किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।" विधानसभा में एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण को तोड़ा जाएगा।