विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. मुश्ताक अहमद ने कहा, मामला संज्ञान में आया है। लेकिन इसमें दोष छात्रों का ही है। छात्रों को एक आईडी मिली है, जिसके माध्यम से उन्हें अपने दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। ऐसा छात्रों की आईडी से ही हुआ है।
बिहार के दरभंगा स्थित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू) एक बार फिर चर्चाओं में आया है। दरअसल विश्वविद्यालय की ओर से बीए-थर्ड ईयर की परीक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल फागू चौहानकी फोटो वाला एडमिट कार्ड जारी किया गया। अब ये एडमिट कार्ड सोशल मीडिय पर जमकर वायरल हो रहे हैं। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. मुश्ताक अहमद ने मामले की पुष्टि की है।
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छात्रा ने विश्वविद्यालय की आधिकारिक साइट से किया डाउनलोड
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एडमिट कार्ड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर की लगी हुई है और उनके हस्ताक्षर भी दिख रहे हैं। एडमिट कार्ड को गुड़िया कुमारी नाम की छात्रा ने विश्वविद्यालय की आधिकारिक साइट पर जाकर डाउनलोड किया। लेकिन एडमिट कार्ड में उनकी तस्वीर और हस्ताक्षर की जगह प्रधानमंत्री की तस्वीर और हस्ताक्षर थे।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने क्या कहा?
इसको लेकर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. मुश्ताक अहमद ने कहा, मामला संज्ञान में आया है। लेकिन इसमें दोष छात्रों का ही है। छात्रों को एक आईडी मिली है, जिसके माध्यम से उन्हें अपने दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। ऐसा छात्रों की आईडी से ही हुआ है।
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'तस्वीर वायरल कर बदनाम करने वालों पर कार्रवाई करेगा विवि'
रजिस्ट्रार ने कहा, राज्यपाल और प्रधानमंत्री जैसी हस्तियों की फोटो अपलोड करके उनका दुरुपयोग किया जा रहा है। अगर वास्तव में गलती हुई है तो छात्रों को विश्वविद्याल में इसकी शिकायत करनी चाहिए थी। लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल कर विश्वविद्यालय को बदनाम किया है। ऐसे छात्रों पर विश्वविद्यालय कार्रवाई करेगा। इसके लिए वाइस चांसलर ने आदेश जारी कर दिया है।
पहले भी हो चुकी हैं लापरवाहियां
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब विश्वविद्यालय को इस तरह की लापरवाही से शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले विश्वविद्यालय ने गुरुवार को बेगुसराय में संबंद्ध कॉलेज के छात्र रवीश कुमार शानू को एडमिट कार्ड जारी किया था। एडमिट कार्ड में उसका नाम, पिता का नाम सही था लेकिन तस्वीर में राज्यपाल की तस्वीर लगी हुई थी। इसी तरह इससे पहले एक छात्र को विश्वविद्यालय ने एक छात्र को 151 दिए थे जबकि कुल प्रश्नों की संख्या 100 थी।