पुलिस के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते पैरा मेडिकल छात्र
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सहरसा के सदर अस्पताल परिसर स्थित पैरा मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने सरस्वती पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के दौरान पुलिस की रोक-टोक के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने मॉडल सदर अस्पताल के आपातकालीन गेट को बंद कर नारेबाजी की और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
मूर्ति विसर्जन के दौरान हुआ क्या था?
विरोध कर रहे छात्रों का कहना है कि वे सरस्वती पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन करने जा रहे थे। इस दौरान एक साधारण साउंड सिस्टम बजा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें इसे बंद करने के लिए मजबूर कर दिया। छात्रों ने आरोप लगाया कि शहर और ग्रामीण इलाकों में डीजे बज रहा था, लेकिन केवल उन्हें ही साउंड बंद करने को कहा गया, जो कि भेदभावपूर्ण निर्णय था।
आपातकालीन गेट बंद होने से मरीजों को हुई परेशानी
पैरा मेडिकल कॉलेज के छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन और गेट बंद करने की वजह से अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आपातकालीन गेट के कुछ देर तक बंद रहने से अस्पताल की सेवाएं बाधित हो गईं। हालांकि कुछ समय बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और छात्र साउंड सिस्टम के साथ मूर्ति विसर्जन के लिए निकल पड़े।
पुलिस-प्रशासन की ओर से नहीं आया कोई बयान
इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए सख्ती जरूरी थी, लेकिन पुलिस को सभी जगह समान रूप से नियम लागू करने चाहिए थे। वहीं, छात्रों का कहना है कि अगर पुलिस इसी तरह भेदभाव करती रही, तो आगे भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।