फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar: एनएचएआई के ठेकेदार ने दोबारा शुरू किया धर्मस्थल का निर्माण, ग्रामीणों ने किया जमकर बवाल; जानें मामला

Wed, 05 Feb 2025 04:53 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल

सार

Bharatmala Project: सुपौल में निर्मित धर्मस्थल को भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत निर्माणाधीन एनएच में आने की वजह से हटाया गया। ग्रामीण दोबारा उसी जमीन के हिस्से में धर्मस्थल के निर्माण का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह धर्मस्थल दूसरी जमीन पर बनवाएं।
विज्ञापन
घटना के बाद लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुपौल के सदर प्रखंड अंतर्गत बलहा पंचायत स्थित नुनुपट्टी गांव में बुधवार को ग्रामीणों ने एनएचएआई के विरुद्ध जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान नुनुपट्टी चौक को करीब पांच घंटे तक जाम रखा गया। हालांकि बाद में सदर एसडीएम इंद्रवीर कुमार के हस्तक्षेप के बाद हंगामा शांत हुआ। इससे पूर्व 14 जनवरी को भी ग्रामीण पुरानी जमीन के ही हिस्से में धर्मस्थल निर्माण के विरोध में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया था। बुधवार को प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मनमाने तरीके से धर्मस्थल की पुरानी जमीन के ही दूसरे हिस्से में निर्माण किया जा रहा है। जबकि चार लोगों द्वारा धर्मस्थल के लिए बीच आबादी वाले इलाके में 6 कट्ठा 10 धुर जमीन दी गई है। विक्रेताओं ने जमीन की कीमत भी धर्मस्थल निर्माण के लिए दान की है। ग्रामीणों का कहना था कि धर्मस्थल की अधिकांश जमीन एनएच में चली गई है। यहां तीन कट्ठा जमीन में धर्मस्थल निर्मित थी, जो आबादी के हिसाब से पहले से ही छोटी पड़ रही थी। एनएच निर्माण के बाद यहां महज 14 धुर जमीन बची है, जहां धर्मस्थल निर्माण से कोई लाभ नहीं है।

विज्ञापन


नए स्थल पर धर्मस्थल के निर्माण से इसे भव्य रूप दिया जा सकेगा और नमाजियों को भी सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों ने दावा किया कि धर्मस्थल निर्माण के लिए स्थानीय स्तर पर एक कमेटी का भी गठन किया गया है। अगर प्रशासन या एनएचएआई वहां धर्मस्थल करा पाने में सक्षम नहीं है तो राशि उस कमेटी को दे दी जाए, जो निर्माण के लिए गठित की गई है। हालांकि सदर एसडीएम ने स्पष्ट किया कि राशि किसी कमेटी को देने का प्रावधान नहीं है। उन्होंने गुरुवार को ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल को सदर डीसीएलआर के कार्यालय में बैठक कर निर्माण हेतु सहमति बनाने की बात कही। आपको बता दें कि इससे पूर्व 14 जनवरी को ग्रामीण पुराने स्थल पर ही गुपचुप तरीके से धर्मस्थल निर्माण कराने के विरोध में सड़क पर उतरे थे। 

छोटा पड़ जाता था धर्मस्थल का अहाता
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मुस्लिम समुदाय की बड़ी तादाद है। पुराने धर्मस्थल का अहाता भी जुम्मे की नमाज के लिए छोटा पड़ जाता था।वही रमजान के महीने भी मुश्किल होती थी। अब और छोटी धर्मस्थल के निर्माण से लोगों की परेशानी और भी अधिक बढ़ जाएगी। वही दुर्घटना की आशंका भी बनी रहेगी। ग्रामीणों ने तमाम समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ही धर्मस्थल का निर्माण कराने की मांग की।
विज्ञापन

 
पांच घंटे तक जाम रही सड़क, राहगीरों को हुई परेशानी
बुधवार की सुबह 8 बजे से ही स्थानीय लोगों ने नुनुपट्टी चौक को जाम कर दिया और बीच चौराहे पर धरना प्रदर्शन करने लगे। इस बीच सूचना पर सदर डीसीएलआर अली एकराम भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने के प्रयास में जुट गए। लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं थे। बाद में सदर एसडीएम इंद्रवीर कुमार, एसडीपीओ आलोक कुमार, थानाध्यक्ष अनिरुद्ध कुमार भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम और एसडीपीओ द्वारा करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हंगामा शांत कराया गया। इस बीच स्थानीय राहगीरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोग रूट बदल कर आवागमन करते दिखे।

एसडीएम बोले- सुलझा लेंगे विवाद, पहले कोई प्रदर्शन नहीं हुआ
इधर, हंगामा शांत होने के बाद सदर एसडीएम इंद्रवीर कुमार ने दावा किया कि गुरुवार को ग्रामीणों के साथ बैठक कर विवाद का निपटारा कर लिया जाएगा। ग्रामीण धर्मस्थल के स्थल परिवर्तन की मांग कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने 14 जनवरी को हुए विरोध प्रदर्शन को सिरे से खारिज किया। कहा कि आज से पहले कोई प्रदर्शन नहीं हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें