कोसी प्रमंडल के अंतर्गत मधेपुरा जिले की एक अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में दोषी पाए गए आरोपी को सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, अदालत ने दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अगर आरोपी यह जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह सजा मंगलवार को मधेपुरा व्यवहार न्यायालय के एडीजे-6 और पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश अभिषेक कुणाल द्वारा सुनाई गई। दोषी का नाम मो. सरफराज उर्फ छोटू है, जो कुमारखंड थानाक्षेत्र के सुखासन वार्ड छह का निवासी है।
विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार मेहता ने बताया कि यह मामला 14 मई 2022 का है, जब सूचक ने अपनी नाबालिग बेटी के गायब होने की शिकायत कुमारखंड थाने में दर्ज कराई थी। परिवार ने काफी खोजबीन की, लेकिन लड़की का कोई पता नहीं चला। बाद में आरोपी की भाभी ने जानकारी दी कि मो. सरफराज लड़की को लेकर आया था, लेकिन वह बाद में वहां से चला गया।
अदालत ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद और साक्ष्यों के आधार पर मो. सरफराज को नाबालिग के अपहरण का दोषी पाते हुए सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उसे 10,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
गौरतलब है कि मधेपुरा कोर्ट ने हाल के एक महीने में आधा दर्जन से अधिक अपराधियों को सजा सुनाई है। इससे पहले सिंहेश्वर थानाक्षेत्र में एक हत्या के मामले में चार आरोपियों को दोषी करार देकर सजा दी गई थी। इसके अलावा, नाबालिग से दुष्कर्म के दो मामलों में भी दोषियों को सजा सुनाई गई है।