कोसी नदी की भेंट चढ़ा राजकीय बुनियादी स्कूल
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सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड के हैहाटी पंचायत में स्थित राजकीय बुनियादी विद्यालय रविवार को कोसी नदी के कटाव में पूरी तरह से विलीन हो गया। दो मंजिला विद्यालय भवन और उससे सटे रसोई घर को नदी ने अपनी लहरों में बहा लिया। विद्यालय की स्थापना 1950 में की गई थी, जब हाटी के निवासी और वर्तमान में डीएम के पद पर कार्यरत आरटी सिंह ने अपने गांव के बच्चों की शिक्षा के लिए जमीन दान की थी।
जानकारी के मुताबिक, पिछले 15 दिनों से कोसी नदी के कटाव का कहर जारी था, लेकिन रविवार को स्थिति गंभीर हो गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग ने नदी के कटाव को रोकने के लिए जरूरी उपाय नहीं किए, जिससे विद्यालय का हिस्सा नदी में समा गया। विद्यालय के विलीन होने की घटनाएं सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और इसने ग्रामीणों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है।
कटाव की समस्या से पहले से ही प्रभावित नवहट्टा और सलखुआ प्रखंड के लोग अपना घर-बार छोड़कर ऊंचे स्थानों पर पलायन कर रहे हैं। खेतों और घरों का कोसी नदी में समाना जारी है, जिससे फसल और मवेशियों के चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन से कोई मदद नहीं मिल रही और वे कटाव की मार झेलने को मजबूर हैं।
हर साल बाढ़ और कटाव की त्रासदी का सामना करने वाले इस क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। कोसी नदी का घटता जलस्तर भी कटाव को तेज कर रहा है। इस समस्या का कोई स्थायी समाधान न होने के कारण स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।