बिहार पुलिस निर्माण विभाग के डीजी विनय कुमार सोमवार को सहरसा जिले में चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने तीन करोड़ 22 लाख से बन रहे महिला और एससी-एसटी थाना के निर्माण में हो रहे विलंब पर काफी नाराजगी जताई। उन्होंने संवेदक को तीन महीने के अंदर निर्माण कार्य पूर्ण करने अन्यथा संवेदक को ब्लैक लिस्ट करने का निर्देश दिया।
डीजी विनय कुमार ने कहा कि साल 2021 के दिसंबर महीने से यह निर्माण चल रहा है। एक साल में इसे पूर्ण करना था। मालूम हो कि सखा कंस्ट्रक्शन के द्वारा ग्राउंड के साथ चार मंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा है। पूर्व में भी इस निर्माण एजेंसी पर दस प्रतिशत का जुर्माना लगाकर सितंबर तक निर्माण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया था। वर्तमान में दोनों थाना एक-एक कमरे में संचालित हो रही है। थाना में हाजत तक नहीं है। किसी मामले में अभियुक्त को पकड़ने के बाद उसे सदर थाना के हाजत में बंद करना पड़ता है।
इससे पूर्व जिला अतिथि गृह पहुंचने पर डीजी को जिला पुलिस कर्मियों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उसके बाद वह सीधे पुलिस केंद्र पहुंचे। जहां पुलिस कर्मी के रहने का बैरेक का मुआयना किया। डीजी ने कहा कि जल्द ही पुलिस केंद्र में बैरेक का निर्माण होगा तो पुराने बैरेक को दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रीजनल एफएसएल सेंटर का निर्माण द्रुतगति से चल रहा है। एक साल के अंदर यहां रीजनल सेंटर कार्य करने लगेगा।
वहीं, सभी जिला मुख्यालयों में चलंत एफएसएल की टीम के लिए भी भवन निर्माण हो रहा है। जिला में किसी कार्रवाई के लिए बाहर से आने वाले पुलिस कर्मियों और एजेंसी के कर्मी के ठहरने के लिए भी भवन का निर्माण हो रहा है। डीजी ने कहा कि जिले के पतरघट, कनरिया सहित आठ थाना के भवन निर्माण का कार्य भी होगा। डीजी ने पुलिस केंद्र के अलावा कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय सहित अन्य का भी मुआयना किया।
उन्होंने कहा कि नए कानून में एफएसएल की भूमिका काफी है। सात साल से ऊपर के सजा से संबंधित अपराध में एफएसएल का घटना स्थल पर जाकर साक्ष्य जुटाना काफी जरूरी है। अभी राज्य को पांच साल का समय इसे कार्यान्वित करने के लिए दिया गया है। वर्तमान में एफएसएल की टीम को भागलपुर और पटना से आने में कई घंटे लग जाते हैं, जिसके कारण साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की संभावना रहती है। इसको देखते हुए सभी प्रमंडलीय मुख्यालय में रीजनल सेंटर की स्थापना की जा रही है। भवन निर्माण के बाद उसमे सभी अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध रहेगी। मौके पर कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी मनोज कुमार, एसपी हिमांशु, एसडीपीओ आलोक कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।