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बिहार: सीपीआई के साथ विवाद के बीच नीतीश के मंत्री से मिले कन्हैया, तेज हुईं अटकलें

Mon, 15 Feb 2021 02:12 PM IST
स्नेहा बलूनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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कन्हैया कुमार ने नीतीश सरकार के मंत्री अशोक चौधरी से की मुलाकात - फोटो : Social Media
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बिहार की सियासत में रोजाना नई खिचड़ी पकती दिखती रहती है। अब कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के नेता और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) नेता अशोक चौधरी से मुलाकात की है। उनकी इस मुलाकात की सियासी गलियारों में काफी चर्चा हो रही है। कन्हैया और अशोक चौधरी की मुलाकात से अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।

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कन्हैया कुमार ने जदयू मंत्री अशोक चौधरी से उनके आवास पर मुलाकात की। हालांकि इस मुलाकात को औपचारिक बताया जा रहा है। दूसरी तरफ इस मुलाकात ने बिहार के सियासी गलियारों में हलचल तेज करने का काम किया है। मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब सीपीआई ने कन्हैया कुमार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है।

कन्हैया कुमार के जदयू में शामिल होने की अटकलों पर जदयू नेता अजय आलोक ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कन्हैया कुमार विकृत और कम्युनिस्ट विचारधारा के हैं, यदि वे अपनी विचारधारा को छोड़कर जदयू की विचारधारा को अपनाते हैं और पार्टी के सच्चे सिपाही के रूप में काम करना चाहते हैं तो उनका पार्टी में उनका स्वागत है।
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सीपीआई ने कन्हैया के खिलाफ क्यों पारित किया निंदा प्रस्ताव
सीपीआई ने कन्हैया के खिलाफ निंदा प्रस्ताव इसलिए पारित किया है क्योंकि उनपर पिछले साल एक दिसंबर को पटना में पार्टी कार्यालय में सचिव इंदु भूषण के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा था। तब पार्टी नेताओं ने कहा था कि कन्हैया इस बात से नाराज हो गए थे कि पटना में बेगूसराय जिला काउंसिल की एक बैठक बुलाई गई थी, जिसके बाद उसे अचानक रद्द कर दिया गया। नाराज कन्हैया ने इंदु भूषण के साथ मारपीट की थी।

पिछले हफ्ते हैदराबाद में सीपीआई की अहम बैठक हुई थी। इसमें उनके द्वारा पटना में की गई मारपीट की घटना को लेकर निंदा प्रस्ताव पास किया गया था। बैठक में पार्टी के 110 सदस्य मौजूद थे जिसमें तीन को छोड़कर बाकी सभी ने कन्हैया के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करने का समर्थन किया था। इस घटनाक्रम के बाद कन्हैया की जदयू नेता से मुलाकात को अहम माना जा रहा है। बता दें कि कन्हैया बेगूसराय के रहने वाले हैं। उन्होंने 2019 में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था। 

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