बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का चेहरा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बने रहेंगे। भाजपा और जदयू गठबंधन के बीच, समय-समय पर खटास और खटपट की खबरें सुनाई- दिखाई देती रही हैं लेकिन जब पार्टी के चेहरे की बात आती है तो वह सिर्फ नीतीश कुमार पर आकर ही टिक जाती है। वैसे तो उपचुनावों में पार्टी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है हाल ही में जोकिहाट में हार के बाद पार्टी की रणनीति पर हुई चर्चा में जेडीयू के नेता पवन वर्मा ने कह दिया है कि देश का चेहरा जो भी हो लेकिन बिहार में राजग का चेहरा नीतीश कुमार ही होंगे।
राजग की सात जून को पटना के ज्ञान भवन में बैठक होनी है। उससे पहले पार्टी रणनीति पर हुई बैठक में यह साफ-साफ कह दिया गया कि बिहार में चुनाव विधानसभा का हो या फिर लोकसभा का चेहरा सिर्फ नीतीश कुमार रहेंगे। यह फैसला वैसे तो पार्टी की कोर कमेटी ने लिया है जिसमें नीतीश कुमार, प्रशांत किशोर, केसी त्यागी और पवन वर्मा शामिल थे। चार घंटे तक चली मीटिंग में यह भी तय किया गया कि जेडीयू फिलहाल एनडीए के साथ है और आगे भी रहेगी।
वैसे इस बैठक का मुख्य बिंदु जोकीहाट के उपचुनाव की हार रही लेकिन इसके बहाने मुख्य रूप से प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर भी विचार विमर्श किया गया। वहीं पार्टी की भावी रणनीति पर भी चर्चा हुई। लेकिन अब पार्टी बिहार के बाहर भी विस्तार को लेकर अभियान शुरू करने जा रही है। वैसे गठबंधन और बैठक के बारे में पार्टी के प्रवक्ता पवन वर्मा ने कहा कि बिहार में एनडीए का गठन जदयू, भाजपा, लोजपा और आरएलएसपी से मिलकर हुआ है।
वैसे इस चार घंटे चली बैठक में टिकट बंटवारे को लेकर भी बातचीत हुई। वर्मा ने बताया कि किसी भी संगठन में शामिल घटल दलों के लिए सम्मान सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस बैठक में रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा द्वारा भाजपा को लोकसभा चुनाव के लिए अभी से टिकटों का बंटवारा पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि बिहार के लिए विशेष राज्य की मांग को जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि वह इस मांग को लेकर पीछे नहीं हटे हैं।