बिहार में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव में जद-यू नेतृत्व और बागियों के बीच मुकाबला तय है।
नामांकन के आखिरी दिन सोमवार को कुल छह उम्मीदवारों ने पर्चा भरा। इनमें तीन जद-यू के आधिकारिक उम्मीदवार हैं, जबकि तीन बागी समर्थित निर्दलीय हैं।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव का निर्विरोध चुना जाना तय है, क्योंकि उनके खिलाफ कोई खड़ा नहीं हुआ है।
बागियों ने उतारे उम्मीदवार
जद-यू ने शरद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सलाहकार पवन वर्मा और लोजपा से जद-यू में आए मौलाना गुलाम रसूल बलियावी को अपना उम्मीदवार बनाया है।
दूसरी ओर करीब एक दर्जन बागी विधायकों ने पवन जायसवाल, अनिल शर्मा और साबिर अली को समर्थन देकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतार दिया है।
जब अनिल शर्मा और साबिर अली नामांकन दाखिल करने पहुंचे तो उनके साथ जद-यू के बागी विधायक ज्ञान सिंह ज्ञानू, पवन जायसवाल, नीरज बबलू, पूनम देवी, राजू सिंह और रेणु कुशवाहा भी थे।
बागियों का 50 विधायकों का दावा
बागियों का दावा है कि 50 से अधिक जद-यू विधायक उनके साथ हैं।
ऐसे में माना जा रहा है कि नाम वापसी के दिन तक अगर ये अपने फैसले पर डटे रहे, तो जद-यू उम्मीदवारों में से किसी एक का खेल बिगड़ना तय है।
शरद यादव के खिलाफ किसी ने पर्चा नहीं भरा है, जबकि पवन वर्मा के खिलाफ दो-दो उम्मीदवार मैदान में हैं। खास बात यह है कि विधायक रवींद्र राय का पार्टी से निलंबन भी बागियों के तेवर को नरम नहीं कर सका है।
विधानसभा की तस्वीर
कुल सीटें---243
जद-यू-------117
भाजपा-------88
राजद--------21
कांग्रेस-------4
(जदू-यू को दो निर्दलीय और एक भाकपा विधायक का समर्थन हासिल है)
राजद नहीं जारी करेगा व्हिप
राज्यसभा चुनाव में राजद ने किसी भी उम्मीदवार को समर्थन नहीं देने का फैसला किया है।
पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि राजद इस उपचुनाव में किसी भी उम्मीदवार को अपना समर्थन नहीं देगा।
उन्होंने कहा कि राजद विधायक अपने विवेक से किसी भी उम्मीदवार को मत देने को स्वतंत्र रहेंगे। माना जा रहा है कि दल में क्रास वोटिंग होने की आशंका को देखते हुए राजद प्रमुख ने ऐसा फैसला किया है।