जदयू ने राज्यसभा चुनाव में क्रास वोटिंग करने वाले अपने 4 बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसके तहत उसने विधानसभा अध्यक्ष से विधायकों की सदस्यता खत्म करने की मांग की है। ये चार विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, राहुल कुमार, नीरज सिंह बबलू और रवींद्र राय हैं।
25 जून को विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में इस मामले की सुनवाई होगी। इसी दिन उनकी सदस्यता पर फैसला होगा।
संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि राज्यसभा उपचुनाव में जदयू के 18 बागी विधायकों ने पार्टी के दोनों प्रत्याशी की जगह दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों को अपना वोट दिया था।
इन चारों विधायकों पर पार्टी के बागियों का नेतृत्व करने का आरोप है।
उन्होंने पार्टी के निर्देश की अनदेखी कर न सिर्फ अपना वोट निर्दलीय प्रत्याशियों को दिया, बल्कि दूसरे विधायकों को भी वोट डालने के प्रेरित करते रहे।
इन बागी विधायकों पर पार्टी लाइन से हट कर और पार्टी विरोधी काम करने का मामला राज्यसभा उपचुनाव में साबित हुआ है। ये नेता राज्यसभा उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों के भी पोलिंग एजेंट बने थे।
इनके अलावा बचे 14 अन्य बागी विधायकों के खिलाफ किस प्रकार की कार्रवाई की जाये, इस पर पार्टी विचार कर रही है। ऐसी उम्मीद जतायी जा रही है कि बाकी विधायकों को पार्टी से कुछ दिनों के लिए निलंबित किया जा सकता है।