जन सुराज ने आगामी बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए तीन और समर्थित प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। पटना स्नातक से डॉ. अनुज सिंह, तिरहुत स्नातक से डॉ. विमोहन कुमार और तिरहुत शिक्षक से भूषण झा प्रत्याशी होंगे।
जन सुराज ने आगामी बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए तीन और समर्थित प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है। पार्टी की ओर से जारी सूची के अनुसार, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. अनुज सिंह, तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. विमोहन कुमार और तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भूषण झा को प्रत्याशी बनाया गया है। जन सुराज के अनुसार, पांच अन्य क्षेत्रों के लिए समर्थित प्रत्याशियों की सूची 20 सितंबर को ही जारी की जा चुकी है। पार्टी की ओर से शेष क्षेत्रों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
पार्टी ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दिव्या ज्योति, दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एसपी राय, दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रवीन्द्र यादव, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आफाक अहमद और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रजनीश रंजन को उम्मीदवार बनाया था। उस समय पार्टी की ओर से बताया गया था कि तिरहुत शिक्षक, तिरहुत स्नातक और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्याशियों के नाम अगले तीन-चार दिनों में घोषित किए जाएंगे।
'शिक्षकों की स्थिति तब सुधरेगी, जब बिहार में शिक्षा की स्थिति सुधरेगी'
प्रेस वार्ता के दौरान प्रशांत किशोर ने शिक्षकों को लेकर भी कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की लड़ाई पिछले कई वर्षों से व्यवस्था के साथ चल रही है। चाहे टीआरई परीक्षा का मामला हो, वेतनमान का मुद्दा हो, गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों को लगाने का मामला हो या वित्त रहित और वित्त पोषित संस्थानों की अव्यवस्था, इन मुद्दों को लेकर लंबे समय से मांग उठती रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक समुदाय को जन सुराज से अपेक्षा है कि उनकी जायज मांगों और आंदोलनों में पार्टी उनके साथ खड़ी हो। उन्होंने कहा कि शिक्षक समुदाय कई संघों में बंटा हुआ है। कोई नियोजित शिक्षक है, कोई विद्यालय शिक्षक, कोई विशिष्ट शिक्षक तो कोई वित्त रहित शिक्षक है। सभी ने अपने-अपने संगठन बना रखे हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज की सोच है कि शिक्षकों की स्थिति तभी सुधरेगी, जब बिहार में शिक्षा की स्थिति सुधरेगी। कई शिक्षकों से मुलाकात और बातचीत के बाद यह तय किया गया है कि सभी शिक्षक संगठनों को एक साथ लाकर एक संघर्ष समिति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जन सुराज अगले दो-तीन वर्षों तक शिक्षक साथियों के साथ मिलकर उनकी प्रमुख मांगों को लेकर काम करेगा।