देश की एक सैनिटरी पैड निर्माता कंपनी ने पटना में हुई उस घटना का संज्ञान लिया है जहां एक आईएएस अधिकारी ने वर्कशॉप में सस्ती सैनिटरी नैपकीन मांगने पर एक स्कूली छात्रा का सार्वजनिक तौर पर मजाक उड़ाया था। कंपनी ने छात्रा को सालभर सैननिटरी पैड की आपूर्ति करने की बात कही है। इसके अलावा उसके ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई का खर्च वहन करने की बात कही है।
पैन हेल्थकेयर के सीईओ चिराग पैन ने कहा, मासिक धर्म पीढ़ियों से शांत स्वर में चर्चा का विषय रहा है। इसे बदलना होगा। इसी तरह आगे आने के लिए हमें कई और लड़कियों की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा पीरियड ब्लीडिंग के बारे में खुली चर्चा की मांग करें। एक सार्वजनिक मंच पर इस विषय पर साहस के साथ बोलने के लिए हम रिया को सलाम करते हैं।
चिराग ने कहा रिया के दृढ़ विश्वास की सराहना के लिए सैनिटरी पैड की एक साल तक आपूर्ति की जाएगी। हम उसकी पढ़ाई का खर्च भी उठाएंगे।
वेट एंड ड्राई पर्सनल केअर के सीईओ हरिओम त्यागी ने कहा, हमारे 2022 एवरटीन मासिक धर्म स्वच्छता सर्वेक्षण से पता चलता है कि 23.5 प्रतिशत महिलाएं अभी भी अनियमित पीरियड्स के मामले में डॉक्टर या दोस्तों या परिवार से परामर्श नहीं लेती हैं।
यह घटना गुरुवार को पटना में तब हुई जब एक आईएएस अधिकारी हरजोत तौर ने बीस वर्षीय स्कूली छात्रा रिया कुमारी का सार्वजनिक रूप से मजाक उड़ाया था। छात्रा ने झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाली गरीब लड़कियों और महिलाओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता के तरीकों तक आसान पहुंच का मुद्दा उठाया था। छात्रा ने सस्ती सैनिटरी नैपकिन की मांग की थी।
बाद में इस घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने घटना का संज्ञान लिया और स्पष्टीकरण मांगा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एनसीडब्ल्यू प्रमुख ने कहा, सात दिनों के भीतर जवाब दिया जाए।
एनसीडब्ल्यू प्रमुख रेखा शर्मा ने कहा कि एक जिम्मेदार पद पर एक व्यक्ति का ऐसा असंवेदनशील रवैया निंदनीय और बेहद शर्मनाक है। आयोग के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अध्यक्ष रेखा शर्मा ने आईएएस हरजोत कौर भामरा को पत्र लिखकर अनुचित और आपत्तिजनक टिप्पणी पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। महिला अधिकारी ने घटना के लिए माफी मांगी है।