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Nitish Kumar : दिल्ली निकले सीएम नीतीश कुमार; शाहनवाज हुसैन और जीतन राम मांझी उसी फ्लाइट में... फिर क्या हुआ

Mon, 18 Dec 2023 07:46 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar News : मंगलवार को दिल्ली में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक के लिए मुख्यमंत्री आम यात्रियों की तरह फ्लाइट से रवाना हुए। वह फ्लाइट में पहुंचे तो भाजपा प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पहले से बैठे थे। चौंक गए।
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फ्लाइट सीएम नीतीश कुमार, पूर्व सीएम जीतन राम मांझी और पूर्व सीएम शाहनवाज हुसैन की मुलाकात हुई। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ दिल्ली में होने वाली विपक्षी दलों की चौथी बैठक के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की रवानगी इस बार विशेष विमान से नहीं हुई। वह इंडिगो की पैसेंजर फ्लाइट से रवाना हुए। इस रवानगी में बहुत रोचक वाकया विमान में एंट्री के समय ही हुआ। वह बायीं तरफ बैठते और दायीं तरफ की तीन सीटों पर भाजपा नेता और प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी सपरिवार बैठे हुए थे। सीएम तीनों को सामने देख चौंक पड़े।

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साथ में मंत्री थे, तभी होती थी मुलाकात, अब मिले तो...
सोमवार को सीएम ने जब फ्लाइट में पैर रखे तो पहले नजर सैयद शाहनवाज हुसैन पर पड़ी। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में भाजपा के साथ जनादेश लेकर जब वह सीएम बने थे तो शाहनवाज हुसैन उनके साथ उद्योग विभाग के मंत्री के रूप में शामिल हुए। शाहनवाज के काम की नीतीश ने कई बार प्रशंसा भी की। बीच में नीतीश जब महागठबंधन में चले गए और वहां मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कायम रहे तो शाहनवाज से बाकी भाजपाई नेताओं की तरह दूरी हो गई। सोमवार को जब फ्लाइट में नीतीश के सामने शाहनवाज पड़े तो वह कुर्सी से तत्काल उठ अभिवादन करने लगे। नीतीश ने भी तत्काल अभिवादन किया और पूछा- सब ठीक है न?

मांझी से पिछली मुलाकात बेहद बुरी रही थी
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी मुख्यमंत्री को देखकर अभिवादन के लिए खड़े हो गए थे। सीएम की नजर उधर गई तो उनसे भी इशारों में हालचाल पूछा। यह बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान दोनों की तीखी बहस के बाद पहली मुलाकात थी। सत्र के दौरान मांझी ने पूछा था कि बाबा साहब अंबेडकर ने आरक्षण देने के साथ इसके फायदों की समीक्षा के लिए भी कहा था, तो आपने या आपके बड़े भाई (लालू प्रसाद यादव) ने अपनी सरकार में कभी ऐसी समीक्षा कराई जो इसमें बदलाव के लिए बढ़ गए? मांझी के इस सवाल पर नीतीश आपा खोकर बहुत कुछ बोल गए थे। तू-तड़ाक के साथ यह तक कह दिया था कि उन्हें (जीतन राम मांझी को) सीएम बनाना उनकी मूर्खता थी।

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