Bihar News : सड़क हादसे में किसी की मौत हो जाए तो उसकी लाश का पोस्टमार्टम कराने के साथ पुलिस की जिम्मेदारी होती है कि वह उसके परिजनों की तलाश करे। लेकिन, यहां तो बिहार पुलिस की टीम ने कुचली हुई लाश को जैसे-तैसे उठाकर नहर में फेंक दिया।
मुजफ्फरपुर से पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है। फकुली पुलिस ने मानवता शर्मसार करने वाली हरकत की है। हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच- 22 पर दुर्घटना में मृत पड़े व्यक्ति की डेड बॉडी को उठाकर पुलिसवालों ने नहर में फेंक दिया। इस दौरान किसी ने पुलिसवालों के इस कारनामे का वीडियो बना लिया, जो बाद में वायरल हो गया। लोग पुलिस की इस कारतूत पर सवाल खड़े कर रहे हैं। पुलिस पर लाश के साथ अमानवीय कृत्य की खबरें कई बार आयी हैं, लेकिन इस तरह से लाश को उठाने और नहर में गिराने का ऐसा वीडियो पहली बार सामने आया है।
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व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में मौत
फकुली ओपी क्षेत्र के एनएच-22 पर ढोढी नहर पुल के निकट एक व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान पुलिस ने अमानवीय कृत्य करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजने की बजाय नहर में फेंक दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि मानवता को शर्मसार करने वाला यह दृश्य फकुली ओपी के पुलिसवालों का है, जो मृत व्यक्ति की डेड बॉडी को नहर में फेंकते दिखे।
पोस्टमार्टम के लिए क्या भेजा होगा?
'अमर उजाला' ने फकुली ओपी प्रभारी मोहन कुमार से जब इस बारे में पूछा कि सड़क दुर्घटना में एक शख्स की मौत के बाद इस तरह शव को उठाकर नहर में फेंका गया है तो चौकी प्रभारी ने कहा- "कुछ पार्ट को पोस्टमार्टम के लिए श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SKMCH) भेजा गया है। कुछ पार्ट जो सड़क से चिपक गया था, उसे नहर में प्रवाह कर दिया गया। लोगों के आरोप और वायरल वीडियो की भी जांच करवाई जा रही है।
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एसएसपी ने भी औपचारिकता की
मुजफ्फरपुर से मानवता को शर्मसार करने वाला वीडियो वायरल होने पर भी कार्रवाई नहीं हुई। बाद में मुजफ्फरपुर पुलिस ने कोरम पूरा करते हुए चालक सिपाही को तत्काल निलंबित कर दिया है और दो गृह रक्षकों को ड्यूटी से क्लोज कर दिया। एसएसपी ने इन तीनों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की भी बात कही है, लेकिन यह नहीं बताया गया है कि लाश के साथ इस तरह का व्यवहार करने का आदेश किसने दिया? किसी भी थाना क्षेत्र में पुलिस एक प्राथमिकी पर पूछताछ भी बगैर थानाध्यक्ष के नहीं करती है, वहां होमगार्ड जवानों और चालक सिपाही ने अपनी मर्जी से ऐसा किया होगा, बड़ा सवाल यह भी है।