बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सोमवार को मधुबनी जिले के अनारधरी गांव के परमेश्वरी मंदिर में उनकी पूजा अर्चना के बाद मंदिर के शुद्धीकरण के लिए उसे धोने की बात की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मांझी ने कहा कि इस मामले में कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाई की जाएगी। वहीं मंदिर के पुजारी ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। इस मामले की जांच के दरभंगा के डिविजनल कमिश्नर और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस करेंगे।
गौरतलब है कि मांझी ने रविवार को दावा किया था कि मधुबनी के उक्त मंदिर को उनके दर्शन के बाद धोया गया था। वहीं इस मामले को केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने काफी शर्मनाक बताया। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि दलित मुख्यमंत्री ने अब तक आरोपियों को गिरफ्तार करने के आदेश क्यों नहीं दिए।
पासवान ने कहा कि इस देश में अस्पृश्यता जुर्म है। आम नागरिक के साथ भी इस तरह से नहीं किया जाना चाहिए। इससे ज्यादा क्या शर्मनाक हो सकता है कि मुख्यमंत्री के मंदिर दर्शन के बाद उसे धोया जाता है। मुख्यमंत्र को तुरंत अपराधियों को गिरफ्तार करने के पुलिस को आदेश देने चाहिए थे।