बिहार के मुख्यमंत्री जीतनराम माझी ने जमाखोरी को लेकर विवादित बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने बयान से जमाखोरी का न सिर्फ बचाव किया बल्कि उसके बढ़ावा देने वाला बयान दिया।
बुधवार को एक ब्यापारियों की एक सभा को संबोधित करते हुए मांझी ने कहा कि ब्यापारी अगर अपना घर चलाने और आर्थिक विषमता से निपटने के लिए जमा खोरी करते हैं तो यह गलत नहीं है।
उन्होंने कहा कि वह छोटे ब्यापारियों की ओर से की गई जमाखोरी को गलत नहीं मानते। इतना नहीं बल्कि मांझी ने ब्यापारियों से कहा कि अगर वह जमाखोरी करते हैं तो वह चिंता न करें, सरकार उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी।
मांझी ने जमाखोरी को जायज बताते हुए कहा कि जो लोग जमाखोरी कर अपने बच्चों को शहर के किसी प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं या बच्चों को पढ़ाने के लिए विदेश भेजते हैं तो वह सम्मान देने लायक काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाने के लिए जमाखोरी कोई गलत काम नहीं है इसलिए सरकार को ऐसे लोगों से डरने की कोई जरूरत नहीं है।