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पाकिस्तान का मुद्दा उठाकर बैकफुट पर आई भाजपा

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बात शुरू हुई केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता राजीव प्रताप रूडी के ट्वीट से जिसमें पाकिस्तानी अख़बार डॉन की वेबसाइट पर जदयू के विज्ञापन छपने का मुद्दा उठाया गया था।
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रूडी के साथी और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने भी ऐसा ही ट्वीट दाग़ा। हालांकि रूडी ने बाद में ट्वीट वापस ले लिया। ट्वीट के आने के बाद लोग इसपर सवाल उठा रहे थे और बता रहे थे कि गूगल वेबसाइटों पर इश्तिहार कैसे काम करते हैं।

बताया गया कि गूगल वेबसाइटों पर जहां से वेबसाइट देखी जा रही है उसी स्थान के आधार पर विज्ञापन दिखाता है। बिहार चुनावों के दौरान बीजेपी किसी न किसी तरह से महागठबंधन को पाकिस्तान से जोड़ने की कोशिश करती रही है।
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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने चंद दिनों पहले बयान दिया कि अगर बिहार में एनडीए की हार हुई तो पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे। गठबंधन और पाकिस्तान को बार-बार पाकिस्तान जोड़ने के सवाल पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडे ने कहा, "पाकिस्तान आतंकवाद का पोषक है और नीतीश ने बिहार में आतंकवाद को बढ़ावा दिया है। उन्होंने बिहार में आतंकवादियों संरक्षण देने और पोषण करने का काम किया है इसलिए उन्हें पाकिस्तान से जोड़ा जा रहा है।"

सोशल मीडिया पर उड़ी खिल्ली, तो उड़ गए होश

बिहार में मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार चुने जाने तक बीजेपी और जदयू की मिली जूली सरकार थी। पाक अख़बार में विज्ञापन के मामले पर पांडे का कहा था कि उन्हें जानकारी मिली थी कि "पाकिस्तान में महागठबंधन के विज्ञापन दिख रहे हैं।"

लेकिन जब बीबीसी ने उनसे गूगल वेबसाइटों के विज्ञापन क्षेत्र के आधार पर दिखने की बात कही तो वो बोले, 'मेरे पास साक्ष्य नहीं है कि महागठबंधन पाकिस्तान में विज्ञापन दे रहा है।'

जदयू के बिहार अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा, "तीन चरणों के बाद बीजेपी को लग गया है कि वह चुनाव हार गई है इसलिए हताशा में धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए अफ़वाहों का सहारा ले रही है।"

उन्होंने कहा, "बिहार में मोदी की कृत्रिम छवि का पर्दाफ़ाश हो रहा है, अमित शाह की संगठनकर्ता और चाणक्य की छवि भी नष्ट हो रही है। ऐसे में ये बौखलाकर इस तरह की बातें कर रहे हैं।"
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नीतीश पर लगाए आतंकवाद को बढ़ाने के आरोप

वहीं पांडे से जब पूछा गया कि पाकिस्तान के बहाने क्या बिहार के मुसलमानों पर निशाना साधा जा रहा है तो उन्होंने कहा, "विश्लेषक अपनी तरह से समझने के लिए स्वतंत्र हैं।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या बिहार में विकास का मुद्दा छूट गया है तो उन्होंने कहा, "जहाँ आतंक को आश्रय मिलेगा वहां विकास नहीं हो सकता है। बिहार से आतंकियों के संबंध जुड़े हैं, अशांत और आतंकवाद से जुड़े बिहार में विकास नहीं हो सकता है।"

जब उनसे कहा गया कि आप एक चयनित मुख्यमंत्री पर आतंकवाद से जुड़े होने के बेहद गंभीर आरोप लगा रहे हैं तो उन्होंने कहा, "मैं जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि बिहार के मुख्यमंत्री ने बिहार में आतंकवाद को रोकने के लिए ज़िम्मेदारी से क़दम नहीं उठाए वरना बिहार में आतंकवाद को बढ़ावा नहीं मिलता।"

विपिन भाई, ये हकीकत है चुनाव की। इससे बदलना बहुत मुश्किल है। लेकिन ये भी सच है कि शराब पीने वाला भी एक खास तबका है। वो न बदला है न बदलेगा।
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