फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gopalganj: सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक भोरे में तीन करोड़ के गबन का मामला आया सामने, 67 खातों से हुई अवैध निकासी

Wed, 01 Nov 2023 05:14 PM IST
कुमार विवेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज

सार

Gopalganj: गोपालगंज सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंधक निदेशक सैयद मसरुक आलम ने बताया कि भोरे में बैंक के ग्राहकों के खाते से फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जानकारी मिलने के बाद एक टीम गठित कर इसकी जांच कराई गई जिसमें अवैध निकासी का मामला सही निकला।
विज्ञापन
सेंट्रेल को ऑपरेटिव बैंक - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दी गोपालगंज सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की भोरे शाखा में करीब तीन करोड़ की राशि का गबन करने का मामला सामने आया है। मामला सामने आने के बाद ग्राहक चिंता में  हैं। हालांकि बैंक के चेयरमैन महेश राय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ग्राहकों का पैसा बैंक में सुरक्षित है। मामले में बैंक के प्रबंधन बोर्ड ने शाखा प्रबंधक समेत तीन कर्मियों को निलंबित कर दिया है, वहीं राशि रिकवरी को लेकर लगातार कार्रवाई चल रही है। प्रबंधन बोर्ड ने घोटाला का मामला सामने आने के बाद एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर जांच कराई है। कमेटी द्वारा जांच में ग्राहकों के 67 खातों से पैसे की निकासी कर शाखा प्रबंधक द्वारा उक्त पैसे को अपने सगे-संबंधियों के 12 खातों में राशि ट्रांसफर करने का पुख्ता प्रमाण मिले हैं। बैंक प्रबंधन को फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने के बाद भोरे शाखा प्रबंधक चौधरी संजय कुमार रामाकांत, पेंटा आइटी सहायक संजय यादव और सहायक संजीव कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

विज्ञापन


क्या बोले बैंक के प्रबंध निदेशक
गोपालगंज सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंधक निदेशक सैयद मसरुक आलम ने बताया कि भोरे में बैंक के ग्राहकों के खाते से फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जानकारी मिलने के बाद एक टीम गठित कर इसकी जांच कराई गई जिसमें अवैध निकासी का मामला सही निकला। बैंक का कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए शाखा प्रबंधक के रूप में अमितेश रंजन व सहायक मोहित सिन्हा को तैनात किया गया है। वहीं, 85 लाख रुपए की राशि रिकवरी कर ली गई है। दूसरी तरफ ऑडिटर की टीम को बुलाकर इस पूरे प्रकरण में भोरे, कटेया और विजयीपुर शाखा की जांच कराई जा रही है।

ग्राहक की जानकारी के बगैर 67 खातों से निकाली गई राशि
आरोप है कि ग्राहक अपनी राशि को फिक्स कर सर्टिफिकेट लेकर चले गए। उसके बाद उस फिक्स डिपॉजिट के एवज में शाखा प्रबंधक ने अपने आईडी से लोन स्वीकृत कर विजईपुर के रामबली प्रसाद, सितवंती देवी, वीरेंद्र सिंह सहित 12 लोगों के नाम पर उक्त राशि को ट्रांसफर कर दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें