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Google Maps : बिहार में विक्रमशिला सेतु गिरने के बाद गूगल मैप्स खतरे में डालेगा? पुल से गिरने का खतरा है

Mon, 04 May 2026 12:42 PM IST
Aditya Anand न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Vikramshila Setu : गूगल मैप्स फॉलो करने के कारण कई बार गाड़ियां पुल से गिर चुकी हैं, गड्ढे में उतर चुकी हैं और इससे जानें जा चुकी हैं। इसलिए, लोग विक्रमशिला सेतु गिरने के बाद सोशल मीडिया पर यह डर जता रहे हैं। पुल से गिरने का खतरा है।
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विक्रमशिला पुल होने के बाद क्या दिख रहा रास्ता? - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के भागलपुर जिले के विक्रमशिला सेतु पर गूगल मैप्स ने खुद को अपडेट कर लिया है, लेकिन खतरा अब भी कायम है। गूगल मैप्स पर विक्रमशिला सेतु वाला रास्ता नहीं दिख रहा है, लेकिन इसमें आज, यानी 4 मई के लिए रास्ता बंद बताया रहा है। इसलिए, यह जान लीजिए कि अभी कम-से-कम चार-पांच महीने यह रास्ता बंद है। अगर गूगल मैप्स देखे या बगैर देखे, इस रास्ते से जाने की योजना है तो तत्काल सोचना बंद कर दें। विक्रमशिला सेतु इस तरह टूटा है कि बीच में सीधे गंगा की धारा में समाहित होने का ही रास्ता है। पुल के दोनों छोर पर प्रशासन ने इसी कारण आवाजाही के लिए स्थायी बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया है।

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गूगल मैप्स पर मुंगेर का ही रास्ता देखें
गूगल मैप्स ने विक्रमशिला सेतु वाले रास्ते पर निगेटिव चिह्न लगा दिया है। हालांकि, कभी-कभी यह रास्ता दिखाने भी लग रहा है। इसलिए, 'अमर उजाला' आपको सचेत कर रहा है कि ऐसा कोई खतरा नहीं लें। अपने जानने वालों को यह खबर शेयर करें कि भागलपुर-बांका जाना या उधर से शेष बिहार के लिए नवगछिया वाला रास्ता बंद है। विक्रमशिला सेतु बंद है। अब सिर्फ मुंगेर का रास्ता है। इसके लिए या तो बड़हिया, लखीसराय होकर या खगड़िया होकर मुंगेर जाना होगा। 

Vikramshila Setu : भागलपुर का विक्रमशिला सेतु कब-किसने बनवाया? तेजस्वी क्या बोले, सत्ताधारी दल क्या कह रहे?

विक्रमशिला सेतु रविवार की आधी रात गिरा
भागलपुर जिला गंगा के कारण दो हिस्सों में बंटा है। एक तरफ नवगछिया पुलिस जिला है और दूसरा भागलपुर शहरी क्षेत्र। भागलपुर जीरो माइल बरारी क्षेत्र में है। देवघर, बांका होकर भागलपुर के रास्ते कटिहार, पूर्णिया की ओर आवाजाही के लिए नवगछिया वाला रास्ता ही पहले बेहतर था। 2001 में जब विक्रमशिला सेतु बना था, तभी से। लेकिन, रविवार की मध्य रात्रि के बाद इस पुल के बीच का हिस्सा गंगा में गिर गया। मतलब, पुल पर जहां गाड़ियां दौड़ती थीं, उसका एक स्लैब टूटकर गंगा में गिर गया है। स्लैब गिरने से पहले कुछ टुकड़े गिरते देख लोगों ने प्रशासन को तत्काल सूचित किया और आवाजाही रोकी गई, इसलिए माल का नुकसान तो हुआ लेकिन जानें बच गईं। मतलब, पुल का हिस्सा तो गिरा, लेकिन गाड़ियों सहित लोग नहीं गिरे। राज्य सरकार अब इस सेतु के बाकी स्लैब की स्थिति की जांच करा रही है और शेष हिस्सा ठीक रहा तो आर्मी की मदद लेकर कुछ महीनों में इसे चलने लायक बनाएगी।

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दुरुस्त करने में तीन महीने का समय लग सकता है
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि विक्रमशिला सेतु का जो स्पैन गिरा है, उसे दुरुस्त करने में तीन महीने का समय लग सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस साल दिसंबर तक विक्रमशिला सेतु के सामानांतर गंगा नदी पर बन रहे पुल पर वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।विक्रमशिला पुल के धंसने के बाद भागलपुर जिला प्रशासन द्वारा बरती गई सतर्कता की तारीफ़ करते हुए कहा कि यदि जिला प्रशासन सतर्क नहीं होता तो यह हादसा बहुत बड़ा हो सकता था।
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