बिहार के भागलपुर जिले के विक्रमशिला सेतु पर गूगल मैप्स ने खुद को अपडेट कर लिया है, लेकिन खतरा अब भी कायम है। गूगल मैप्स पर विक्रमशिला सेतु वाला रास्ता नहीं दिख रहा है, लेकिन इसमें आज, यानी 4 मई के लिए रास्ता बंद बताया रहा है। इसलिए, यह जान लीजिए कि अभी कम-से-कम चार-पांच महीने यह रास्ता बंद है। अगर गूगल मैप्स देखे या बगैर देखे, इस रास्ते से जाने की योजना है तो तत्काल सोचना बंद कर दें। विक्रमशिला सेतु इस तरह टूटा है कि बीच में सीधे गंगा की धारा में समाहित होने का ही रास्ता है। पुल के दोनों छोर पर प्रशासन ने इसी कारण आवाजाही के लिए स्थायी बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया है।
विक्रमशिला सेतु रविवार की आधी रात गिरा
भागलपुर जिला गंगा के कारण दो हिस्सों में बंटा है। एक तरफ नवगछिया पुलिस जिला है और दूसरा भागलपुर शहरी क्षेत्र। भागलपुर जीरो माइल बरारी क्षेत्र में है। देवघर, बांका होकर भागलपुर के रास्ते कटिहार, पूर्णिया की ओर आवाजाही के लिए नवगछिया वाला रास्ता ही पहले बेहतर था। 2001 में जब विक्रमशिला सेतु बना था, तभी से। लेकिन, रविवार की मध्य रात्रि के बाद इस पुल के बीच का हिस्सा गंगा में गिर गया। मतलब, पुल पर जहां गाड़ियां दौड़ती थीं, उसका एक स्लैब टूटकर गंगा में गिर गया है। स्लैब गिरने से पहले कुछ टुकड़े गिरते देख लोगों ने प्रशासन को तत्काल सूचित किया और आवाजाही रोकी गई, इसलिए माल का नुकसान तो हुआ लेकिन जानें बच गईं। मतलब, पुल का हिस्सा तो गिरा, लेकिन गाड़ियों सहित लोग नहीं गिरे। राज्य सरकार अब इस सेतु के बाकी स्लैब की स्थिति की जांच करा रही है और शेष हिस्सा ठीक रहा तो आर्मी की मदद लेकर कुछ महीनों में इसे चलने लायक बनाएगी।