लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' शुक्रवार को बिहार के जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र में पहुंचा। यहां सुबह चाय पर चर्चा में आम मतदाताओं के मुद्दे जाने गए। जबकि दोपहर में युवाओं से चर्चा में उनके मुद्दे समझे गए। वहीं, अब नेताओं से जनता के मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
अमर उजाला से बात करते हुए एनडीए नेता ने कहा कि विकास के मुद्दे पर वोट मांग रहे हैं। पीएम मोदी के किए गए विकास कार्यों पर वोट मांग रहे हैं। उन्होंने दावा कर कहा कि कोई भी जाति, समुदाय और वर्ग ऐसा नहीं है जो मोदी जी की योजनाओं से लाभान्वित नहीं है। हम अपने विकास पर तमाम जनता के बीच जाकर दस वर्ष में किए गए तमाम कार्यों के बल पर वोट मांग रहे हैं।
उन्होंने दावा कर कहा कि सड़क ले लीजिए, बिजली ले लीजिए, आवास ले लीजिए, अनाज ले लीजिए और स्वास्थ्य ले लीजिए, हर क्षेत्र में चौमुखी विकास हुआ है। मोदी जी का संपूर्ण देश में संपूर्ण जाति और संपूर्ण समुदायों के लिए किए गए कार्य पर हम वोट मांगने जा रहे हैं।
वहीं, इंडिया गठबंधन के नेता ने कहा कि देश की आजादी के बाद सत्ता और शासन चलाने के लिए संविधान का गठन हुआ था। संयोग से अभी बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति के पास चर्चा चल रही है। संविधान बना रूल-रेगुलेशन बना, देश उसी पर चलना चाहिए था। हमारे नेता और इंडिया गठबंधन के लोग समाजवाद, धर्म निर्पेक्षता और विकास की बाद नागरिक हित में सत्ता शासन को मुहैया कराना है, उसपर हम चलते रहे।
उन्होंने कहा कि बीच के काल में जब मोदी जी आए तो धार्मिक उन्माद बढ़ा, धर्म निर्पेक्षता को इन्होंने सांप्रदायिकता में बदल दिया। फिर इन मुद्दों को भटकाकर के भावनात्मक क्षेत्र में कभी मंदिर के नाम पर, कभी पाकिस्तान के नाम पर डरा कर, कभी चीन ने नाम पर डराकर इन मुद्दों पर भावना वाला वोट लिया। लेकिन विकास की जो बात कह रहे थे कि काला धन लाएंगे, हर साल दो करोड़ रोजगार देंगे। आज जग जाहिर है कि क्या माहौल है। अगर इन बातों पर वे सफल हुए हैं तो ठीक है। अगर नहीं तो क्या।