बस की छत सामान उतारते वक्त चालक को लगा करंट
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दुर्ग से 48 तीर्थयात्रियों को लेकर बोधगया पहुंची दुर्ग रोडवेज बस के चालक की मौत सोमवार की देर शाम करंट लगने से हो गई। पितृपक्ष में पिंडदान करने पहुंचे तीर्थयात्रियों को उतारने के बाद चालक ने बस नोड वन के पास खड़ी कर दी थी।
जानकारी के मुताबिक, वहीं बगल से 11 केवी की लाइन गुजरती है जो काफी निचली है। देर शाम को नोड वन के पास कम रोशनी रहने के कारण चालक नीचे लटके हुए तार को देख नहीं पाया और समान को उतारने के लिए बस की सीढ़ी से छत पर चढ़ गया। ऊपर पहुंचते की चालक बिजली की लाइन के संपर्क में आ गया। इसी दौरान बस चालक करंट लगने के बाद झटके से बस से नीचे गिरा और वह अचेत हो गया। हालांकि तत्काल उसे गंभीर हालत में पीएचसी बोधगया लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना को लेकर कंपनी के कर्मचारी दुलाल कुमार डे ने बताया कि चालक दुर्ग के धमदा निवासी फिरोज खान (28) है। वह 48 तीर्थयात्रियों को चार दिन तक गया की विभिन्न जगहों में पिंडदान करवाने के बाद वापस दुर्ग ले जाकर छोड़ने वाला था। बोधगया में पहुंचने के बाद सभी तीर्थयात्री निगमा बौद्ध मठ में आवासन किए हुए हैं। दुर्ग से मृतक के परिवार के साथ बस के चालक को भी भेजा गया है। जो तीर्थयात्रियों को वापस दुर्ग लाकर छोड़ेगा।
बोधगया थानाध्यक्ष राजू कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। जहां बस खड़ी थी, वहीं से बिजली की मेन लाइन निकली है।