निवर्तमान सांसद सुशील कुमार सिंह ने घटना पर जताया दुख
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वहीं, मामले में औरंगाबाद के निवर्तमान सांसद सुशील कुमार सिंह ने घटना पर दुःख जताते हुए कहा कि हमारे अत्यंत करीबी ऊर्जावान कार्यकर्ता की सुपुत्री के साथ घिनौनी घटना की सूचना पर उन्होंने औरंगाबाद की एसपी स्वपना गौतम मेश्राम से फोन पर बात कर इस हृदय विदारक घटना के कारणों की जांच एसआईटी गठित कर जल्द से जल्द कराने और अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करने को कहा है। यह घटना बहुत ही दुःखद और अत्यंत पीड़ादायक है। भगवान छात्रा को अपने श्री चरणों में जगह दें और पूरे परिवार को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद एसडीपीओ-1 आए सामने
छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद औरंगाबाद के सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ)-1 संजय कुमार पांडेय शनिवार को मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे एसिड अटैक की बात को अफवाह बताया। लोग अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि छात्रा की मौत डूबने से हुई है। यह हत्या या आत्महत्या का मामला हो सकता है। पुलिस मामले की सभी एंगल से जांच कर रही है। उन्होंने एसिड अटैक की बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि छात्रा के चेहरे से मांस के उखड़ने की वजह शव का तीन दिन से पानी में डूबे रहना है। साथ ही शव को पानी से निकालने में शरीर के कुछ हिस्सों से मांस उखड़ गया है। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के पेट में पानी पाए जाने की बात है, जिससे स्पष्ट है कि छात्रा की डूबने से मौत हुई है। यह आत्महत्या या हत्या का मामला हो सकता है। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी शीघ्र ही पूरा मामला उजागर करेगी।
आनंद मोहन परिवार की एंट्री के बाद नाबालिग छात्रा की मौत पर बवाल बढ़ा
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आनंद मोहन पूरे परिवार के साथ नबीनगर पहुंचे
एसडीपीओ-1 के बयान के बाद बिहार के बहुचर्चित राजपूत नेता आनंद मोहन पूरे कुनबे के साथ शनिवार की देर शाम नबीनगर पहुंचे। उन्होंने नबीनगर में लोगों से बात की। परिजनों से मुलाकात की और सांत्वना दी तथा ढांढ़स बंधाया। उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में वे उनके साथ हैं। वे न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। इसके बाद रविवार को आनंद मोहन ने औरंगाबाद में प्रेसवार्ता की।
आनंद मोहन, लवली व आयुषी ने पुलिस की थ्योरी को पलटा
प्रेस वार्ता में राजपूत नेता आनंद मोहन, शिवहर की उनकी नव निर्वाचित सांसद पत्नी और बेटी डॉ. आयुषी ने पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा कर रख दीं। डॉ. आयुषी ने पुलिस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका की उम्र 24 वर्ष बताई गई है, जबकि सभी लोग जानते हैं कि उसकी (मृत छात्रा) उम्र 16 वर्ष है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की सुसाइड की थ्योरी पूरी तरह गलत है। लाश की जो तस्वीरें उन्होंने देखी हैं, उनमें एक आंख फूटी हुई है। होंठ गायब है। पुलिस अगर यह भी कहे कि आंख को पानी में मछलियां खा गईं होंगी। तब भी यह बात हजम होने वाली नहीं है क्योंकि मछलियां आंख खा सकती हैं, लेकिन फोड़ नहीं सकतीं और होंठ को गायब नहीं कर सकतीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट संदिग्ध है, लेकिन सुखद बात यह है के बिसरा प्रिजर्व कर रखा गया है, जिससे जांच में आगे सहायता मिल सकती है। उन्होंने आग्रह किया कि पुलिस मामले की सही तरीके से जांच कर सच्चाई को सामने लाएं और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएं।
वहीं, शिवहर की नव निर्वाचित सांसद लवली आनंद ने कहा कि छात्रा की लाश तो मिली है, लेकिन उसके बैग और जूते गायब हैं जो संदेह को बल दे रहा है। पानी में डूबकर छात्रा के मरने की बात मनगढ़ंत कहानी है। उन्होंने कहा कि वह मानती हैं कि दो दिन पानी में रहने पर शव सड़ गल जाता है, लेकिन एसिड अटैक की बात को अगर पुलिस खारिज कर रही है तो वह बताए कि पाए गए शव के बाल कहां हैं। इसे पुलिस को बताना चाहिए। मामले में पुलिस सही दिशा में जांच नहीं कर रही है और पुलिस को मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए।
वहीं, आनंद मोहन ने कहा कि मृतका के परिवार की यह आशंका है कि विधिवत पोस्टमार्टम हुआ ही नहीं है। पोस्टमार्टम अगर विधिवत हुआ है तो पोस्टमार्टम के दौरान की सीसीटीवी फुटेज सामने लाया जाए ताकि यह पता चले कि सही में पोस्टमार्टम किस डॉक्टर ने किया है या किसी अन्य कर्मी ने। पोस्टमार्टम को हल्के में लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट संदिग्ध है। मामले में हमारे बेटे चेतन आनंद ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर सिविल सर्जन से बात करनी चाही, लेकिन बात नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री से बात करने के लिए मिलने का समय मांगा है। सीएम से मिलकर वे पूरी बात रखेंगे, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की पहल करेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले को हल्के में न ले। नबीनगर बेहद संवेदनशील इलाका है। बात बढ़ेगी तो बहुत दूर तक जा सकती है।