गया में 400 रुपये एंबुलेंस चालक को नहीं देने पर मरीज की जान चली गई। मौत की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में ही हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एंबुलेंस चालक पर कार्रवाई की मांग करने लगे। शेरघाटी अनुमंडल अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलते ही शेरघाटी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने में जुट गए।
मिली जानकारी के मुताबिक शेरघाटी थाना क्षेत्र के कमात गांव का रहने वाले 35 वर्षीय रामबली मंडल बीती रात बीमार पड़ गए थे। परिजनों ने इलाज के लिए रामबली को शेरघाटी अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के बाद गुरुवार को बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य कर्मियों ने गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। जब मरीज के परिजनों ने अस्पताल के एंबुलेंस चालक को गया ले जाने के लिए कहा तो एंबुलेंस चालक ने चार सौ रूपए की डिमांड कर डाली। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण एंबुलेंस चालक का डिमांड पूरा नहीं किया। कुछ ही देर बाद मरीज ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में किया हंगामा
वहीं चंद पैसे के लिए सरकारी अस्पताल में मरीज की मौत की खबर सुकर मरीज के परिजन और गांव वाले जुट गए। साथ ही आसपास की भीड़ जुट गई। उसके बाद अस्पताल में ही शव रखकर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों ने एंबुलेंस चालक पर कार्रवाई की मांग करने लगे। हंगामा की सूचना पर शेरघाटी थाना की पुलिस दल-बल के साथ पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई। काफी देर तक हंगामा के बाद पुलिस आक्रोशित लोगों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उसके बाद हंगामा बंद हुआ।
पैसा दे देते तो बच जाती जान
इस संबंध में मृतक के पत्नी अनिता देवी ने कहा कि बीती रात करीब दस बजे शेरघाटी अनुमंडल अस्पताल इलाज के लिए ले गए थे। उस वक्त दो सिस्टर के अलावे कोई डॉक्टर नहीं था। अस्पताल से मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने मेरे पति को दो इंजेक्शन लगाया। कुछ देर बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि मरीज की हालत खराब हो रही है। आप अपने पति को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाएं। जब परिजन एंबुलेंस चालक से मरीज को ले जाने के लिए कहा, लेकिन चालक ने चार सौ रूपया का डिमांड कर दी। पैसा नहीं रहने के कारण एंबुलेंस चालक को नहीं दिए। थोड़ी देर बाद अस्पताल में ही पति की मौत हो गई।
जांच कर होगी कार्रवाई
वहीं शेरघाटी अनुमंडल अस्पताल के उपाधिक्षक कुमार ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस बात की जानकारी गया सिविल सर्जन को दे दी गई है।