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बिहार में बाढ़ के लिए फरक्का बैराज जिम्मेदार, विशेषज्ञों ने जताई चिंता

Mon, 27 Feb 2017 12:16 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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फरक्का बराज
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फरक्का बैराज में गंगा के जल प्रवाह को लेकर जो चिंता जताई थी, विशेषज्ञों ने उनका समर्थन किया है। 
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विशेषज्ञों ने हाल ही में  इसकी वकालत करते हुए बताया है कि 45 साल पुराने फरक्का बैराज के कारण बिहार में हर साल बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है। विशेषज्ञों ने इस मामले को तुरन्त प्रभाव में लेकर अध्ययन कर तत्काल समीक्षा करने की मांग की है।
 
बता दें मैगसेसे पुरस्कार विजेता और "वॉटरमैन" कहे जाने वाले राजेन्द्र सिंह ने भी फरक्का बैराज के हटाए जाने का समर्थन किया है। उन्होनें कहा है कि "अभी तक की चर्चाओं से ये कहा जा सकता है कि फरक्का बैराज बिहार के लिए अशुभ है, ये बिहार के लिए एक अभिशाप है जिसे हटाया जाना चाहिए। जब तक हम इसे हटाएंगे नही तब तक हम आगे नही बढ़ सकते।" 
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हाल ही में बिहार के जल संसाधन विभाग ने गंगा को लेकर एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन राजेन्द्र सिंह ने बताया कि हमनें अभी तक फरक्का बैराज के इंजीनियरिंग और तकनीकी पहलुओं लेकर चर्चाएं की हैं लेकिन पर्यावरण, सांस्कृतिक, प्राकृतिक, अध्यातमिक पहलुओं पर चर्चा करना अभी बाकी है।
 






 
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नीतीश कुमार - फोटो : अमर उजाला
वही इस अवसर पर पर्यावरण विशेषज्ञ हिमांशु थाक्कड़ ने फरक्का बराज की समीक्षा की तत्काल जरूरत की वकालत की। उन्होने कहा कि ये बराज सिंचाई,  बिजली, पानी की आपूर्ति जैसे किसी उद्देश्यों की पूर्ती नही करता जिसके लिए इसे बनाया गया था। उन्होने आगे बताया कि इस बराज को कोलकाता बंदरगाह का भ्रमण मकसद से भी बनाया गया था। 

उल्लेखनीय है कि थाक्कड़ बांधों, नदियों, के लिए नई दिल्ली में दक्षिण एशिया नेटवर्क के समन्वयक भी हैं। उनका कहना है कि अमेरिका में हर 20 सालों में बांधो की समीक्षा का आयोजन किया जाता है, लेकिन हमारे देश में इस प्रथा का पालन नहीं किया जाता।
 
बता दें कि फरक्का बराज के कारण बिहार में गंगा के पानी का प्रवाह घट जाता है, जिसके कारण वहां के इलाकों में गाद जमा होने से बाढ़ का खतरा मंडराता रहता है। 
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