जेडीयू एमएलसी राधाचरण साह के आवास पर छापेमारी करने पहुंचे अधिकारी
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एक बार 22, फिर 27 ठिकानों पर हुई थी जांच
आरा-बक्सर स्थानीय प्राधिकार सीट से जदयू के एमएलसी राधा चरण सेठ के आरा में अनाइठ और बाबू बाजार स्थित आवास पर जून में भी जांच हुई थी। उस दिन पटना, धनबाद, हजारीबाग और कोलकाता समेत कुल 27 ठिकानों पर जांच हुई थी। उससे पहले फरवरी में जदयू एमलसी के 22 ठिकानों पर एक साथ जांच हुई थी। फरवरी में कर वंचना के मामले में इनकम टैक्स ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। उस बड़ी कार्रवाई पर बिहार की सियासत गरमा गई थी। जदयू नेताओं ने इसे केंद्र सरकार के निर्देश पर सरकारी एजेंसियों का दुर्भावभापूर्ण दुरुपयोग कहा था। जून में जब आरा में जांच हो रही थी, तब जेडीयू एमलसी राधाचरण वहां मौजूद नहीं थे। सीआरपीएफ की टुकड़ी के साथ पहुंचे अधिकारियों ने राधाचरण साह उर्फ राधा चरण सेठ के नए और पुराने आवास के मुख्य गेट को बंद कर दिया था।
बालू माफियाओं के साथ अवैध कारोबार का आरोप
जदयू एमएलसी पर आरोप है कि वह बालू माफियाओं के साथ मिलकर अपना अवैध कारोबार बढ़ा रहे हैं। पटना के बिहटा थाने में बालू के काले कारोबार को लेकर केस दर्ज है। बिहटा से आरा के बीच बालू घाटों पर अवैध खनन का बड़ा खेल होता है और इस पूरे क्षेत्र में जदयू एमएलसी के अलावा बिहार में सत्ताधारी कुछ नेताओं की सीधी दखल का प्रभाव दिखता है।