दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
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उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक आवारा कुत्ता इंसान के पैर को अपने मुंह में दबाए खुलेआम घूमते देखा गया। वह उसे खाने के लिए जगह तलाशता दिखा। इस वीभत्स दृश्य को देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।
स्थानीय राजा प्रसाद ने बताया चारदीवारी नहीं होने की वजह से आवारा कुत्ते और अन्य आवारा पशु घूमते रहते हैं। उसी का नतीजा है कि एक आवारा कुत्ता अपने मुंह में इंसान का पैर लेकर एनेस्थीसिया विभाग के परिसर में आ गया और उसे खाने की कोशिश करने लगा। यह देखकर डर भी महसूस होने लगा कि कहां से यह कुत्ता कटा हुआ इंसान का पैर लेकर आ गया।
अस्पताल परिसर में खड़ा कुत्ता
इस बारे में जब डीएमसीएच के उपाधीक्षक हरेंद्र कुमार से बात की गई। उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि डीएमसीएच का बायो मेडिकल वेस्ट के लिए एजेंसी कार्यरत है। अस्पताल से जितने बायोमेडिकल वेस्ट निकलते हैं। सभी को पैक कर बायो मेडिकल वेस्ट के कर्मचारी को देते हैं। वे लोग उसे ले जाकर डिस्पोज करते हैं। चूंकि इस कैंपस से सटे हुए भी बहुत सारे प्राइवेट अस्पताल हैं।
वहीं, हरेंद्र कुमार ने कहा कि हो सकता है कि उधर का ही हो। कुत्ता ही है कहीं से कोई मानव अंग लेकर आ गया होगा। हमारा अस्पताल ओटी का बहुत सुरक्षित तरीके से कटे हुए बर्बाद मानव अंगों को बायो मेडिकल वेस्ट एजेंसी को सुपुर्द करता है। इस तरह फेंका नहीं जाता है। हमारे हॉस्पिटल का कोई भी कचरा, बायोमेडिकल वेस्ट या हॉस्पिटल का कुछ भी हो, खून से सना गॉज हो, बैंडेज हो, इन सबको रोड पर हम लोग नहीं फेंकते हैं।
ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि कुत्ता के पास इंसान का पांव कहां से आया। अगर कुत्ता कहीं दूसरी जगह से पांव का हिस्सा DMCH लेकर आ भी गया तो सरकारी खर्च पर तैनात सुरक्षाकर्मी क्या कर रहे थे। इस पूरे मामले में DMCH प्रशासन की लापरवाही साफ देखने को मिल रही है। ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले DMCH में कुत्ते द्वारा नवजात बच्चे का शव नोचने का वीडियो सामने आया था।