जिस गाड़ी से होटल पहुंचे बाबा, उसका पॉल्यूशन भी फेल
बाबा जिस गाड़ी से पटना एयरपोर्ट से होटल तक आए, उसके नंबर के जांच के दौरान एक अन्य जानकारी सामने आई। इस गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट भी फेल है। गाड़ी का पॉल्यूशन 3 साल पहले यानी 2020 में ही फेल हो चुका है। अंतिम बार मार्च 29 मार्च 2020 को यूपी में प्रदूषण मुक्त का प्रमाणपत्र लिया गया था, जो 29 सितंबर 2020 को खत्म हो गया। उसके बाद किसी ने जांच ही नहीं की। आम आदमी की गाड़ी का पॉल्यूशन फेल होता तो पुलिस जुर्माना लगाती लेकिन बाबा जिस गाड़ी में बैठे थे, उसे पॉल्यूशन का जुर्माना बिहार में भी नहीं लगा। मोटर वाहन अधिनियम के 194 (2) के तहत 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाता है। बाबा जिस गाड़ी में बैठे थे, उस गाड़ी के मालिक को पॉल्यूशन फेल होने का जुर्माना देना होगा या नहीं, इस सवाल पर यातायात एसपी पूरण झा ने कहा कि यह DTO का काम है। मेरी तरफ से मात्र सीट बेल्ट को लेकर एक हजार फाइन किया गया है।
अन्य राज्य की गाड़ी थी, यह भी जांचना चाहिए था
भारत नंबर की गाड़ी ही बेरोकटोक आज-जा सकती है। बाकी के लिए एक समय सीमा निर्धारित रहती है। गाड़ी आपके राज्य में कब आई, यह जांचने के लिए टोल प्लाजा का रिकॉर्ड रहना चाहिए, वह रहता नहीं है। नतीजा ऐसी गाड़ियां बच जाती हैं। वैसे, आम आदमी की गाड़ी हो तो पुलिस रोककर दिखाने कहती है कि कब आए, प्रमाण दिखाओ या फिर इस राज्य के लिए एनओसी लाए हो तो वह दिखाओ।
जानिए, सीट बेल्ट लगाना क्यों है जरूरी
एक्सपर्ट बताते हैं कि कार में आपने सीट बेल्ट नहीं लगायी, तो हादसा होने के बाद आपको गंभीर चोटें आ सकती हैं। सीट बेल्ट आपको आपकी सीट से बांधे रखता है, ऐसे में हादसे के बाद चोट कम लगती है। इतना ही नहीं कभी-कभी कार में उलट-पुलट होकर आप कार से बाहर भी गिर सकते हैं। इससे सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आते हैं। इसके अलावा सीट बेल्ट नहीं होने पर कई बार एयरबैग भी नहीं खुलता है।