दरभंगा में नगर निगम की मेयर अंजुम आरा बीते दिन दिए अपने बयान को लेकर उपजे सियासी बवंडर के बीच अब पछतावे और सफाई के मोड में आ गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका बयान किसी समुदाय विशेष के विरोध में नहीं था, बल्कि शांति और सामंजस्य बनाए रखने की मंशा से दिया गया था। मीडिया से बात करते हुए मेयर ने अपने बयान को लेकर खेद प्रकट किया है और लोगों से गलतफहमी दूर करने की अपील की है।
'जांच कराइए, सजा दीजिए लेकिन मेरी मंशा गलत नहीं थी'
मेयर अंजुम आरा ने कहा कि आज सुबह से लोग मेरे खिलाफ तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कोई मुझे बांग्लादेशी कह रहा है, कोई देशद्रोही। मेरी बस इतनी सी मंशा थी कि होली और जुमे की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हो। इसी संदर्भ में मैंने सुझाव दिया था। अगर मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं खेद प्रकट करती हूं। आप लोग मेरे खिलाफ जांच करा लीजिए, अगर मैं दोषी पाई जाती हूं तो जो सजा देनी हो, दे दीजिए। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा लगातार मुझ पर हमले कर रही है, लेकिन सबको अपने-अपने तरीके से बोलने का अधिकार है, इस पर मैं कुछ नहीं कहूंगी।
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शांति समिति की बैठक के बाद दिए बयान पर मचा बवाल
दरअसल, मंगलवार को आयोजित शांति समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान मेयर अंजुम आरा ने हिंदू समुदाय से अपील करते हुए कहा था कि होली का उत्सव दोपहर 12:30 से दो बजे तक स्थगित कर दिया जाए, ताकि उसी समय जुमे की नमाज शांतिपूर्वक अदा की जा सके। उनके इसी बयान के बाद राजनीतिक भूचाल आ गया और भाजपा सहित अन्य संगठनों ने इसे हिंदू विरोधी करार देते हुए मेयर के इस्तीफे की मांग तक कर डाली। सोशल मीडिया पर भी उन्हें लेकर विवादास्पद टिप्पणियां की जा रही हैं।
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सामाजिक सौहार्द की अपील, मगर उल्टा पड़ गया असर
मेयर का कहना है कि उन्होंने दोनों समुदायों के बीच शांति और आपसी सौहार्द के लिए बयान दिया था, लेकिन राजनीतिक रंग देकर उसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी नीयत कभी किसी समुदाय को ठेस पहुंचाने की नहीं थी और भविष्य में बयान देने से पहले और भी सतर्क रहेंगी।
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विवाद के बाद बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
इस पूरे प्रकरण ने स्थानीय राजनीतिक गलियारों से लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक बहस छेड़ दी है। भाजपा ने इसे तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया, वहीं कई अन्य संगठनों ने इसे समाज को बांटने वाला बयान बताया। वहीं, मेयर अंजुम आरा ने अपनी सफाई में बार-बार यही दोहराया कि शांति बनाए रखना ही उनका उद्देश्य था, लेकिन दुर्भाग्यवश उनका बयान गलत तरीके से लिया गया।