कार्गो विमान से भेजा जा रहा लीची
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दरभंगा और मुजफ्फरपुर की मशहूर शाही लीची की पहली खेप स्पाइसजेट के विमान से अहमदाबाद भेजी गई। मुजफ्फरपुर की शाही लीची को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में यह पहली बड़ी पहल मानी जा रही है। इसकी शुरुआत मुजफ्फरपुर की स्टार्टअप कंपनी विश्वस्नेह एग्रो एंड डेयरी प्राइवेट लिमिटेड ने किसानों और लीची उत्पादकों के सहयोग से की है। कंपनी ने लीची की खेती से लेकर तुड़ाई, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक तक की सुविधा उपलब्ध कराई है। पहली खेप में करीब 200 किलो लीची को 15 पैकेट में भरकर अहमदाबाद भेजा गया है।
दरभंगा एयरपोर्ट से लीची निर्यात की नई शुरुआत
दरभंगा एयरपोर्ट से लीची निर्यात की शुरुआत को क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों और कृषि आधारित कारोबार के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अब तक लीची को मुख्य रूप से सड़क मार्ग या दूसरे शहरों के एयरपोर्ट के जरिए भेजा जाता था, जिससे समय और लागत दोनों अधिक लगते थे। लेकिन अब दरभंगा से सीधे हवाई सेवा उपलब्ध होने के कारण लीची कम समय में देश के बड़े महानगरों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकेगी।
500 टन लीची भेजने का रखा गया लक्ष्य
स्पाइसजेट के कार्गो मैनेजर सोनू कुमार ने बताया कि इस वर्ष के सीजन में दरभंगा एयरपोर्ट से लगभग 500 टन लीची भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि लीची का उत्पादन कम होने के बावजूद निर्यात लक्ष्य को पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। दरभंगा एयरपोर्ट शुरू होने के बाद मिथिला क्षेत्र सीधे देश के बड़े शहरों से हवाई नेटवर्क के माध्यम से जुड़ चुका है। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिली है, बल्कि कृषि उत्पादों के व्यापार को भी नई दिशा मिली है। खासकर लीची जैसे जल्दी खराब होने वाले फलों के लिए एयर कार्गो सेवा काफी लाभकारी साबित हो सकती है।
किसानों और व्यापारियों में उत्साह का माहौल
लीची की पहली खेप रवाना होने के साथ ही स्थानीय व्यापारियों और किसानों में उत्साह का माहौल है। व्यापारियों का मानना है कि हवाई मार्ग से त्वरित आपूर्ति होने पर लीची की गुणवत्ता बेहतर बनी रहेगी और उन्हें अच्छे दाम मिल सकेंगे। इससे मिथिला क्षेत्र के किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
मौसम की मार से उत्पादन में भारी गिरावट
हालांकि इस वर्ष मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण लीची का उत्पादन सामान्य से काफी कम हुआ है। अनुमान के मुताबिक इस बार उत्पादन करीब 33 प्रतिशत तक ही रह गया है। इसके बावजूद कारोबारी और प्रशासन इस नई पहल से काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
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विदेशी बाजार तक पहुंचेगी मिथिला की मिठास
वैश्विक चुनौतियों और सीमित संसाधनों के बावजूद लीची निर्यात को क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे मुजफ्फरपुर और मिथिला की शाही लीची की मिठास देश के विभिन्न महानगरों के साथ-साथ विदेशी बाजारों तक पहुंचेगी। इस पहल से शाही लीची को निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है।