Darbhanga News : दोनों के बीच पिछले आठ साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दूल्हा दिव्यांग हैं इसलिए लड़की के घरवाले शादी के तैयार नहीं थे। लेकिन, लड़की ने अपने प्यार को चुना। दोनों ने श्यामा माई मंदिर में जाकर शादी कर ली।
दरभंगा के प्रसिद्ध श्यामा माई मंदिर में अक्सर शादियां हुआ करती है लेकिन एक प्रेमी जोड़े ने शादी चर्चा का विषय बना हुआ है। घनश्यामपुर के देयूरी गांव निवासी प्रदीप मण्डल और सुपौल जिला के दानापुर निवासी रीता कुमारी के बीच करीब आठ वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों का परिवार शादी के लिए रजामंद नहीं थे। प्रदीप के दोनों हाथ नहीं है। वह दिव्यांग हैं। वहीं रीता पूरी तरीके से ठीक है। इस शादी में सबसे बड़ा कौतूहल का विषय बना वरमाला जो आम शादियों में वर वधु अपने हाथों से एक-दूसरे को वरमाला पहनाते देखा होगा लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। यहां प्रेमिका को प्रेमी प्रदीप अपने पैरों से वरमाला पहनाई तो श्यामा मंदिर उस वक्त मौजूद लोगों ने वर वधू को आशीर्वाद दिए। वर वधू ने बताया कि वह अपनी मर्जी से दोनों शादी कर रहे हैं।
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पिछले आठ साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग
दूल्हा प्रदीप मंडल ने बताया कि उसकी नई नवेली पत्नी कोई और नही उसके बड़े भाई की साली है। वह रीता से पिछले आठ वर्षों से एक दूसरे से प्यार किया करते थे। लेकिन प्रेम को शादी तक अंजाम देने के लिए न हमारे परिवार वाले तैयार थे और न ही रीता के परिवार वाले इस कारण हमदोनों ने अपने अपने घरों से भागकर अपनी मर्जी से श्यामा माई मंदिर में शादी रचाई है। अगर अब भी हमारे घर वाले नहीं मानेंगे तो हमदोनों दरभंगा में रहकर ही जीवन यापन करेंगे। प्रदीप दोनों हाथों से दिव्यांग होने के वावजूद ग्रेजुएशन तक की शिक्षा ले रखी है। वह दोनों हाथ नहीं होने बाद भी अपने पैरों से कम्प्यूटर चलाना जानता है।
हाई टेंशन तार की वजह से गंवाने पड़े दोनों हाथ
परिजनों का कहना है कि प्रदीप अपने तीन भाई बहनों में सबसे छोटा है। उसने बताया कि वर्ष 2008 में उसके गांव देयूरी बिजली आई थी। उस समय वह अपने घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान 33000 वोल्ट के बिजली का तार टूट कर गिरने के दौरान उसका दोनों हाथ झुलस गया था। काफी इलाज कराया गया लेकिन अंततः दोनो हाथ काटना ही पड़ा।