लोकसभा के टिकटों को लेकर उत्तरप्रदेश के घमासान के बाद अब बिहार के बवंडर ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिहार में नरेंद्र मोदी के कट्टर समर्थक गिरिराज सिंह से लेकर अश्वनी चौबे, शत्रुध्न सिन्हा और बुजुर्ग नेता सीपी ठाकुर ने पार्टी नेतृत्व को आंखें दिखानी शुरू कर दी हैं।
इधर, वाराणसी व लखनऊ को लेकर जारी विवाद को विराम देने के लिए भाजपा में एक और प्रस्ताव पर विचार हो रहा है। इसके तहत मोदी को सिर्फ गुजरात से ही चुनाव लड़ाने तो राजनाथ सिंह को वाराणसी और डा. मुरली मनोहर जोशी को लखनऊ भेजने के विकल्पों पर भाजपा में गहन मंथन चल रहा है।
आज जारी होगी चौथी सूची
टिकटों की इस मारामारी में दिल्ली के लिए उम्मीदवार तय करना भी पार्टी के लिए कम मुसीबत नहीं साबित हो रहा। इस घमासान के बीच भाजपा शनिवार को प्रत्याशियों की चौथी सूची जारी सकती है।
पार्टी की केंद्रीय चुनाव अभियान समिति अब उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड और हरियाणा आदि राज्यों के लिए प्रत्याशी चयन करने को लेकर मंथन करेगी। इसमें वाराणसी और लखनऊ को लेकर भी विवाद को खत्म करने की कोशिश की जाएगी।
टिकटों की मारामारी
टिकटों की इस मारामारी में दिल्ली के लिए उम्मीदवार तय करना भी पार्टी के लिए कम मुसीबत नहीं साबित हो रहा। इस घमासान के बीच भाजपा शनिवार को प्रत्याशियों की चौथी सूची जारी सकती है।
पार्टी की केंद्रीय चुनाव अभियान समिति अब उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड और हरियाणा आदि राज्यों के लिए प्रत्याशी चयन करने को लेकर मंथन करेगी। इसमें वाराणसी और लखनऊ को लेकर भी विवाद को खत्म करने की कोशिश की जाएगी।
कई नेता नाराज
मोदी को वाराणसी से मैदान में उतारने को लेकर भाजपा दुविधा में है। क्योंकि पार्टी को वहां के जातीय समीकरण मोदी के पक्ष में नहीं दिख रहे हैं।
इसलिए अब नये फार्मूले पर विचार चल रहा है। इस मसले पर राजनाथ और प्रदेश प्रभारी अमित शाह ने शुक्रवार को विचार-विमर्श भी किया।
इधर,बिहार के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद वहां मोदी समर्थकों ने ही पार्टी नेतृत्व को आंख दिखा दी है। मोदी के कट्टर समर्थक माने जाने वाले विधायक गिरिराज नवादा की बजाए बेगूसराय चाहते थे।
नाराज गिरिराज ने शुक्रवार को राजनाथ से मिलकर टिकट लौटाने की पेशकश कर दी। भागलपुर से टिकट मांग रहे अश्विनी चौबे से लेकर बुजुर्ग नेता सीपी ठाकुर भी नाराज हैं।
जमकर मचा घमासान
इसी तरह शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिब से ही फिर से मैदान में कूदना चाहते हैं, जबकि रविशंकर प्रसाद भी इस सीट को चाहते हैं। वैसे पार्टी का एक वर्ग उन्हें उत्तर पूर्व दिल्ली से चुनाव लड़ाने की वकालत कर रहा है।
इसके अलावा उत्तराखंड में भी पूर्व मंत्री बच्ची सिंह रावत, मोहन सिंह गांववासी और मुन्ना सिंह चौहान भी अपनी नाराजगी पहले ही जता चुके हैं।
जबकि दिल्ली में मीनाक्षी लेखी बनाम निर्मला सीतारमण और एमजे अकबर बनाम सुधांशु मित्तल से लेकर स्थानीय नेताओं को उम्मीदवार बनाने की रस्साकशी तेज हो गई है।