इस आदेश की खास बात यह भी है कि कार्यकारी प्रभार मिलने के बावजूद फिलहाल इन सभी कर्मियों के वेतनमान में बदलाव नहीं किया गया है।
इन सभी कर्मियों को अपने ही वेतनमान में कार्यकारी प्रभार के अंतर्गत नए पद पर उत्तरदायित्व को निभाना होगा।
जिन सब-इंस्पेक्टर को इंस्पेक्टर का कार्यकारी प्रभार मिला है, उन्हें इस पद के लिए तय प्रशासनिक, अनुशासनिक एवं विधिक प्राधिकार भी मिल जाएंगे।
जिन सब-इंस्पेक्टर को इंस्पेक्टर का कार्यकारी प्रभार मिला है, उन्हें इस पद के लिए तय प्रशासनिक, अनुशासनिक एवं विधिक प्राधिकार भी मिल जाएंगे। इंस्पेक्टर के रूप में नए पद पर प्रभार लेने से पहले इन्हें इस आशय का न्यायिक शपथ पत्र देना होगा कि उनके विरुद्ध किसी प्रकार का विभागीय कार्यवाही संचालित या लंबित नहीं है और ना ही कोई दंडादेश प्रभावी है। शपथ पत्र में यह भी स्पष्ट करना होगा कि उनके विरुद्ध निगरानी, अपराधिक, फौजदारी या कोई अन्य न्यायिक विवाद लंबित नहीं है। इस शपथ पत्र के बाद ही कार्यालय के प्रधान इन्हें कार्यभार दे सकेंगे।