बिहार में आंगनबाड़ी सहायिका का मानदेय दोगुना से ज्यादा और सेविकाओं का मानदेय पहले के मुकाबले करीब 70 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। एक जनवरी 2024 से यह लागू हो जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले हफ्ते आंगनबाड़ी सेविकाओं-सहायिकाओं को आश्वासन दिया था। अब सेविकाओं को 1450 रुपये की जगह 2500 रुपये, जबकि आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 725 रुपये की जगह 1750 रुपये देने का फैसला नीतीश कुमार मंत्रिमंडल ने किया है। इस वृद्धि के लिए सरकार ने 286 करोड़ 47 लाख 24 हजार रुपये के अतिरिक्त व्यय की स्वीकृति दी है। आंगनबाड़ी के लिए लिए इस फैसले को मिलाकर नीतीश कुमार कैबिनेट ने कुल 20 प्रस्तावों को पास किया। इसमें इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेज में वाई-फाई सुविधा समेत कई अहम फैसले हैं।
खेल अलग विभाग होगा, राज्य अल्पसंख्यक आयोग का गठन
सरकार ने बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम 1991 के जरिए बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग पटना के गठन की स्वीकृति इस कैबिनेट ने दी। इसमें सरकार सचिव या उप सचिव स्तर के अधिकारी को सदस्य सचिव बनाएगी। कैबिनेट ने कला, संस्कृति एवं युवा (खेल) विभाग को बांट दिया है। इसमें से खेल को स्वतंत्र विभाग का दर्जा दिया गया है। मतलब, अब कला, संस्कृति एवं युवा विभाग अलग पहले की तरह जारी रहेगा। खेल विभाग अलग होगा। इस विभाग के साथ ही एक मंत्री को यह विभाग देने का ऑप्शन खुल गया है या विभाग के लिए अलग मंत्री देने का प्रावधान भी हो सकता है।
मुखिया समेत ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों को भी फायदा
राज्य कैबिनेट ने पंचायत राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का भत्ता बढ़ाने का भी फैसला लिया है। इस फैसले से मुखिया, उप मुखिया, वार्ड सदस्य, सरपंच, उप सरपंच, पंच आदि को फायदा होगा। इन्हें प्रतिमाह देय भत्ता एक जनवरी से बढ़ा हुआ मिलेगा।
46 राजकीय पोलिटेकनिक संस्थानों में यह सुविधा
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग अधीन आने वाले 38 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं 46 राजकीय पोलिटेकनिक संस्थानों के शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं अन्य भवनों तथा कैम्पस परिसर में क्रमशः 500 एमबीपीएस और 300 एमबीपीएस की इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ नेटवर्किंग एवं वाई-फाई की सुविधा प्रदान किये जाने के उद्देश्य से दो वर्षों (वित्तीय वर्ष 2023-24 तथा 2024-25) में कुल अनुमानित राशि 47.15 करोड़ (सैंतालीस करोड़ पन्द्रह लाख रुपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति से संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षण की व्यवस्था हो सकेगी जिससे संस्थानों में अध्ययनरत छात्र/छात्राएं एवं शिक्षक लाभान्वित होगें तथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्ष परिषद (ए.आई.सी.टी.ई.) के दिशा- निर्देशों का अनुपालन हो सकेगा।
इन 12 जिलों में जिला संयुक्त औषधालय की स्थापना
स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत आयुष (आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक एवं यूनानी) प्रक्षेत्र के संवर्द्धन एवं विकास के लिए राज्य के 12 जिलों में जिला संयुक्त औषधालय की स्थापना हेतु जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी एवं इससे सम्बद्ध विभिन्न कोटि के अन्य राजपत्रित एवं अराजपत्रित कुल 108 पदों के सृजन के स्वीकृति मंत्रिमंडल की बैठक में दी गई। इन जिलों में बक्सर, कैमूर, जहानाबाद, जमुई, शेखपुरा, लखीसराय, सुपौल, किशनगंज, अररिया, बांका शिवहर और अरवल शामिल हैं।
होमी भाभा कैंसर अस्पताल को 10 करोड़ रुपये का अनुदान
होमी भाभा कैंसर अस्पताल, दरभंगा के संचालन के लिए बिहार सरकार ने एकमुश्त रूपये 10.00 करोड़ (दस करोड़) मात्र अनुदान के रूप में उपलब्ध कराने की घोषणा की है। होमी भाभा कैंसर अस्पताल, दरभंगा का संचालन एवं रख रखाव होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र, मुजफ्फरपुर द्वारा किया जायेगा। डॉक्टर एवं अन्य मानव संसाधन भी होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र, मुजफ्फरपुर के होंगे। अस्पताल का स्वामित्व राज्य सरकार के पास यथावत रहेगा। इसके लिए मरीजों को इस अस्पताल में चिकित्सा के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं, यथा-मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष, आयुष्मान भारत योजना आदि का लाभ मिलेगा।