Bihar News : यह खबर बिहार से है, लेकिन पूरे देश में अभिभावकों को होशियार कर रही है। बच्चे कहां जा रहे, किससे मिल रहे, किस से झगड़ रहे; यह जानकारी नहीं रहेगी तो क्या हो सकता है? पटना में दो बच्चों की नृशंस हत्या से जवाब मिल रहा है।
बच्चों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। वह किसके पास जाते हैं, किससे मिलते हैं, क्या बातें करते हैं और उनकी दोस्ती-दुश्मनी किससे है... ऐसे सवालों का जवाब अगर पटना के इन दो बच्चों के परिजनों को पता होता तो शायद वह अपने घर के चिराग को बुझने से रोक पाते। पटना में सोमवार सुबह जिन बच्चों की लाश मिलीं, उनके गायब होने की जानकारी रविवार की रात ही पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने केस नहीं लिया और खोजबीन भी नहीं की। जिस तरह से हत्या हुई है, उसे देखकर साफ लग रहा है कि किसी रंजिश में इन दो बच्चों (विवेक और प्रत्यूष ) को मारा गया है। किसी वारदात को देख लेने या किसी दुश्मनी के कारण ही अमूमन ऐसी हत्या होती है। पटना में दो बच्चों की हत्या पीट-पीट कर की गई और उनकी आंखें भी निकाल ली गई हैं।
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दोनों बच्चों की बलि देने का आरोप
सड़क जामकर हंगामा कर रहे हैं लोगों का आरोप है कि पुलिस अगर सही समय पर एक्शन लेती तो शायद दोनों की जान बच सकती थी। ऐसी निर्मम हत्या आज तक नहीं देखी थी। अपराधियों ने बच्चों की आंखें तो फोड़ दी। इतना ही नहीं जीभ और सीने पर चाकू से वार कर दिया। विवेक के पिता का आरोप है कि ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट का काम रूका हुआ है। इसी को शुरू करने के लिए दोनों बच्चों की बलि दी गई।
गर्दनीबाग पुलिस पर लगा बड़ा आरोप
मृत विवेक के पिता विनोद कुमार ने पुलिस पर भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि दोनों बच्चे रविवार शाम को घर से खेलने निकले थे। उसके बाद अचानक लापता हो गए। काफी प्रयास के बाद जब दोनों का सुराग नहीं मिला तो उन्होंने इसकी सूचना गर्दनीबाग थाने को दी। रविवार करीब 10:00 बजे के आसपास जब गर्दनीबाग थाना को सूचना दिया गया तो थाना के एक सिपाही ने बताया कि अभी कोई पदाधिकारी नहीं है। सोमवार सुबह आकर इसकी जानकारी दीजिए। इसके बाद परिवार के सभी लोग रात भर दोनों बच्चे को खोजते रहे। सुबह में यह सूचना मिली कि दो बच्चे का शव 70 फीट के नजदीक एक पानी भरे गड्ढे में फेंका हुआ है। विनोद कुमार ने कहा कि अगर रात में ही पुलिस कोई कार्रवाई करती तो शायद बच्चों की जान बच सकती थी। वरीय अधिकारियों से अपील है कि वह इस मामले को गंभीरता से लें और जिम्मेदार पुलिस पदाधिकारी पर कार्रवाई करे।