बुधवार की शाम बिहार के दरभंगा में घटी एक दुर्घटना। एक निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिरने से करीब दर्जन भर मजदूर डूब गए। माना जा रहा है कि इस घटना में करीब चार मजदूरों की मौत हो गई है।
प्रशासन की कार्रवाई से असंतुष्ट लोगों ने प्रदर्शन किया और एक जेसीबी को आग के हवाले कर दिया।
दरभंगा के हायाघाट में बन रहा था पुल, उम्मीद थी कि ये पुल दूरियां कर करेगा लेकिन ये कोई नहीं जानता था कि ये पुल बनाने वालों को ही निगल जाएगा।
TOI की खबर के मुताबिक उचित साहनी, फकीरा साहनी, रघुबीर सहानी और दीपक महतो की इस घटना में मौत हो गई है। बुधवार की शाम एक गाटर के गिरने से ये हादसा हुआ बताया जा रहा है।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों को भी बुलाया गया लेकिन इन चारों को नहीं बचाया जा सका। संवेदनहीनता उस वक्त उजागर हुई जब इस पुल का निर्माण करने वाली कंपनी के लोग ना तो यहां पहुंचे और तो औऱ उनके मोबाइल भी स्विच ऑफ थे।
SDRF की 20 सदस्यों वाली टीम मौके पर पहुंची लेकिन मजदूरों के शव नहीं निकाले जा सके। टीम ने कहा कि गाटर भारी है जब तक प्रशासन इन्हें हटाने के लिए कोई क्रेन उपलब्ध नहीं करा देता तब तक शव निकाल पाना मुश्किल है।
हैरानी की बात ये है कि प्रशासन अभी तक ऐसी क्रेन का इंतजाम नहीं कर सका है। नाराज लोगों ने ट्रेन को रोक दिया और प्रदर्शन किया।