लद्दाख की गलवां घाटी में 15-16 जून की दरमियानी रात भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में सेना के 20 जवान शहीद हो गई। शहीद जवानों में एक कर्नल रैंक के अधिकारी भी शामिल थे। वहीं, इस घटना के बाद से देश में चीन को लेकर लोगों के बीच आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोग चीन का बहिष्कार करने के बात कर रहे हैं।
वही, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पटना में गांधी सेतु के समानांतर बनने वाले पुल का टेंडर रद्द कर दिया गया है। दरअसल, इसका टेंडर एक चीनी कंपनी को दिया गया था। मंत्रालय के मुताबिक, इस टेंडर में भारतीय कंपनी भी शामिल थी, जिसे कहा गया कि वे चीनी भागीदार को हटा लें। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, जिसके परिणामस्वरूप टेंडर रद्द कर दिया गया। बताया गया है कि इस पुल को बनाने की लागत 2,927 करोड़ रुपए है।
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'चाइना हार्बर इंजीनियरिंग' कंपनी और 'शानशी रोड ब्रिज ग्रुप' (ज्वाइंट वेंचर) को इस प्रोजेक्ट का जिम्मा सौंपा गया था। इस प्रोजेक्ट को पिछले साल दिसंबर महीने में केंद्र सरकार के आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने मंजूरी दी थी। इसकी अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी।
कोलकाता में होटलों में चीनी लोगों को ठहरने की अनुमति नहीं
वहीं, अब चीनी लोगों का बहिष्कार भी शुरू हो गया है। दिल्ली के बाद अब पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी चीनी नागरिकों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। होटल के प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि हमारे वीर सैनिकों पर हमला करने वालों को हम अपने होटल में ठहरने का इजाजत कैसे दे सकते हैं।