बिहार में सामाजिक न्याय के पुराने नारे के सहारे नया राजनीतिक समीकरण खड़ा करने के जद्दोजहद में जुटी राजद को भाजपा-जदयू गठबंधन विकास के नारे से जवाब देगी।
इस कड़ी में मोदी सरकार बीते विधानसभा चुनाव में राज्य को 1.25 लाख करोड़ के वादे को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने के लिए माथापच्ची में जुटी है। इस बीच मोदी कैबिनेट के जल्द संभावित विस्तार से पहले जदयू ने राजग में शामिल होने पर हामी भर दी है।
गौरतलब है कि राज्य में महागठबंधन के टूटने के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद अपने माय (मुसलिम और यादव) वोट बैंक के इतर अतिपिछड़ा और दलित वर्ग में अपना पैठ बढ़ाने में जुटे हैं। इस क्रम में उन्होंने एक बार फिर से सामाजिक न्याय का नारा दिया है। भाजपा की रणनीति लालू की इस योजना को विकास से जवाब देने की है।
यही कारण है कि जदयू-भाजपा का पुनर्मिलन होते ही मोदी सरकार सवा लाख करोड़ के पैकेज पर माथापच्ची कर रही है। राज्य से जुड़े एक कैबिनेट मंत्री के मुताबिक कई मंत्री इस दिशा में माथापच्ची कर रहे हैं। उम्मीद है जल्द इस आशय की घोषणा होगी।
उधर भाजपा के साथ गठबंधन सरकार बनाने के बाद अब जदयू राजग में भी शामिल होने के लिए राजी हो गया है। जदयू महासचिव केसी त्यागी ने जल्द पैकेज हासिल होने की उम्मीद जताई और यह भी कहा कि जदयू राजग में जल्द ही शामिल होगी।
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सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी संभावित कैबिनेट फेरबदल से पहले जदयू को राजग में शामिल कराने के साथ ही अन्नाद्रमुक के दोनों धड़ों का विलय के बाद पार्टी को राजग में शामिल कर दोनों ही दलों को कैबिनेट में शामिल करने के इच्छुक हैं। इस क्रम में उनकी बीते दिनों अन्नाद्रमुक के दोनों धड़ों के नेताओं से मुलाकात हुई है।