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लालू बोले-भाजपा चरित्रहीन, नीतीश का घर राम रहीम जैसा

Wed, 01 Nov 2017 08:12 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, पटना
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राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने भाजपा को चरित्रहीन पार्टी करार दिया है। साथ ही नीतीश कुमार के घर को राम रहीम के घर जैसा बताया है, जहां कई दरवाजे हैं और मंत्री और विधायक भी नीतीश तक नहीं पहुंच पाते हैं।
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बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए लालू ने कहा है कि भाजपा के अंदर शर्म नाम की चीज नहीं है। गुजरात में उनके और मुलायम के पोस्टर जारी करने पर लालू ने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लोग यदुवंशियों का अपमान करते हैं।

लालू ने कहा कि गुजरात और हिमाचल के चुनाव को सेमीफाइनल नहीं, बल्कि फाइनल माना जाए और इस मैच में भाजपा हारेगी।

राजस्थान में राष्ट्रगान की अनिवार्यता और भ्रष्टाचार पर लाए गए नए कानून पर राजद सुप्रीमो ने कहा कि वसुंधरा महिला हैं इसलिए उन पर ज्यादा सख्त नहीं बोलूंगा, लेकिन उन्हें जनता का डर होना चाहिए।
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लालू ने जदयू सांसद आरसीपी सिंह को निशाने पर लेते हुए कहा कि राज्य के बालू माफिया से वो पैसा कलेक्शन करते हैं। लालू ने कहा कि सृजन घोटाले में भी आरसीपी अधिकारियों से पैसा लेते थे जो बात किसी से छिपी नहीं है। 
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जदयू के विरोधी दलित नेताओं के साथ लालू, बिहार की राजनीति में नए समीकरण के संकेत

बिहार में दलितों की आवाज एक बार फिर मुखर हो गई है। पिछले दिनों हम सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने राजग में खुद को उपेक्षित करार दिया था तो अब जदयू के दो बड़े नेता बागी सुर साध रहे हैं। अपनी ही पार्टी पर दलित विरोधी होने का आरोप लगा रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोल रहे इन दलित नेताओं के तेवर बिहार की राजनीति में नए समीकरण के संकेत दे रहे हैं।
दलितों की जमीन पर जदयू की ओर से अचानक दो बड़े नेताओं की दावेदारी से हम सुप्रीमो भी अपनी जमीन बचाने में जुट गए हैं। उन्होंने कहा है कि आरक्षण के नाम पर श्याम रजक और उदय नारायण चौधरी घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।   मांझी ने कहा कि हम भी कहते हैं कि आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए। मांझी ने कहा कि चौधरी और रजक का दलित प्रेम सिर्फ दिखावा है। जब जीतन राम मांझी को सीएम पद से हटाया जा रहा था तब वो लोग कहां थे, जो आज दलितों की तरफदारी कर रहे हैं। मांझी ने कहा कि चुप्पी साधने वालों को आज पार्टी में कुछ नहीं मिलता दिख रहा है तो वो अब दलित राग अलाप रहे हैं।
इधर, उदय नारायण चौधरी भी जदयू के दलित नेता के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन हाल के दिनों में पार्टी में हो रही उपेक्षा से खासे नाराज हैं। जदयू ने बागी तेवर दिखा रहे नेताओं पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि किसी भी नेता को पार्टी लाइन से बाहर नहीं जाना चाहिए। 
इधर, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने उदय नारायण चौधरी और श्याम रजक को समर्थन देकर राजनीतिक पारा बढ़ा दिया है। लालू ने कहा कि जदयू के दोनों नेता सही बोल रहे हैं।
  नीतीश कुमार आरक्षण विरोधी हैं और वो दलितों-वंचितों की आवाज नहीं सुनते। उल्लेखनीय है कि सोमवार को जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने कहा था कि वंचित समाज को मुख्य धारा में लाने का डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी का जो सपना था, वह देश की आजादी के सात दशक बाद भी पूरा नहीं हो सका है।
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