पोस्ट पर ज्यादातर लोग मुलायम सिंह को याद कर रहे।
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तेज प्रताप की लिखी बातें- असंपादित
“आज दिनांक 22-2-2023 को जब मैं सुबह सो रहा था तो मैंने एक स्वप्न देखा जिसमे मैने पिता तुल्य स्वर्गीय मुलायम सिंह जी को देखा...... मैं वृंदावन के तरफ जा रहा था ,मुझे रास्ते में सैफई गांव मिला तो मैं वहां चला गया, वहां मैंने एक अदभुत नजारा देखा जिससे मेरे आंखों में खुशी के आंसू आ गए ,मैंने देखा नेता जी कुछ लोगो के साथ बैठे हुए थे, नेता जी मुझे देख कर चौक गए और बोले अरे आप यहां कैसे,जिसके बाद मैंने उनके पैर छू उन्हें प्रणाम किया और कहा कि मैं वृंदावन जा रहा हूं तो सोचा आपके गाँव होता चलूँ....उसके बाद नेता जी बोले चलो आज सैफई घुमाता हूं, तो मैंने नेता जी को कहा कि आज सैफई साइकिल से घुमा जाए तो नेता जी ने साइकिल मंगवाई और सभी को बोला की आज तेज प्रताप जी के साथ गांव साइकिल से घूमने चलेंगे, फिर नेता जी और मैं दोनों साइकिल से चल दिये गांव की सैर पर, गांव से कुछ दूर तक मैं गया तो एक पुल था टूटा फूटा जहाँ एक औरत मिली उसने पूछा नेता जी कहाँ जा रहे है,तो नेता जी बोले मैं एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा हूं फिर उसने पूछा ये कौन है आपके साथ तो नेता जी बोले ये तेज प्रताप जी है बिहार से आए है, फिर नेता जी शादी समारोह में शामिल हुए,नेता जी के साथ मुझे देख कर वहां मौजूद सभी लोग चौंक गये, फिर नेता जी मेरे कमरे मे आये जहां मैं बैठा था और फिर वो भी बैठे हमने बहुत सारी बाते की उसके बाद नेता जी ने मुझे एक घड़ी भेट किया, वो घड़ी के दीवाने थे फिर मैने नेता जी का घड़ी लिया और घड़ी लेने के बाद मै उनके कदमों में गिर गया और बहुत भावुक हो गया उसके बाद नेता जी को पकड़ के मैं रोने लगा ,नेता जी ने भी मुझे पकड़ा और बोले की तुमको बहुत ऊंचाई तक जाना है, रोते समय मैंने नेता जी को बोला कि नेता जी आप हम सभी को अकेला छोड़ क्यों चले गए तो उन्होंने कहा कि मैं गया कहाँ हूं मैं तुम्ही लोगों के बीच मे ही हूं उसके बाद मेरी नींद खुल गई....आज मैंने जो स्वप्न देखा वो मेरे लिए नेता जी के तरफ से आशीर्वाद था जिससे मुझे काफी हिम्मत मिली है ,मेरी पूरी कोशिश रहेगी की उनके दिखाए रास्ते पर चलूँ और जनता कि दिल से सेवा करूँ....आज मैं नेता जी के याद में अपने मंत्रालय अरण्य भवन साइकिल से जा रहा हूं.…”