मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज में बिजली बोर्ड को भंग कर बनाई गई बिजली कंपनियों में से एक नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने कारनामा कर दिया है। अमर शहीद खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी स्मारक स्थान को बिल भरने का नोटिस जारी किया है। इसमें भुगतान नहीं होने पर 22 फरवरी को बिजली कनेक्शन काटने की जानकारी दी गई है। यह नोटिस मंगलवार को इस नाम पर वायरल हुआ कि शहीदों से बिजली बिल का भुगतान करने कहा जा रहा है। 'अमर उजाला' ने वायरल लेटर के बाद बिल की पूरी कॉपी निकाली तो सामने आया कि यह कनेक्शन 2017 में जारी किया गया था और किसी पदाधिकारी या पदेन अधिकारी का जिक्र नहीं होने के कारण इसे इस तरह से वायरल किया जा रहा है।
शहीदों के नाम पर बिजली बिल की हकीकत देखें यहां।
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किसी पदाधिकारी का जिक्र नहीं, इसलिए परेशानी
'अमर उजाला' ने नोटिस के बिल की पुष्टि की। यह बिल मूल रूप से शहीदों के नाम पर बने स्मारक स्थान के नाम पर है, जिसका पूरा नाम- SAHID KHUDIRAM BOSE-PRAFUL CHAUKI SMARAK ASTHAN है। इसे सरकारी उपभोक्ता श्रेणी में रखा गया है, मतलब भुगतान सरकार को करना होता है। तकनीकी दिक्कत यह है कि शहीद खुदीराम बोस-प्रफुल्ल चाकी के नाम पर बने स्मारक स्थान के किसी पदेन अधिकारी के नाम से यह बिल जारी नहीं हो रहा, जिसके कारण कोई इसके भुगतान को लेकर गंभीर नहीं। सामान्यत: ऐसे संस्थानों में सचिव के नाम से बिल जारी होता है या संरक्षक के नाम पर कनेक्शन लिया जाता है और भुगतान जिला कोषागार के जरिए होता है।
स्मारक स्थान का बिजली का कनेक्शन नहीं कटेगा
नॉर्थ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के कार्यपालक अभियंता विजय कुमार ने बताया कि बिल भुगतान की जिम्मेदारी सहारा इंडिया परिवार पर थी। उनके माध्यम से अब तक बिजली बिल नहीं जमा किया गया है। जिलाधिकारी से बात हुई है। उन्होंने ने एसडीओ पूर्वी को निर्देश दिए हैं। कार्यपालक अभियंता आश्वासन दिया कि खुदीराम बोस प्रफुल्ल चौकी स्मारक स्थान का बिजली का कनेक्शन नहीं कटेगा।
93 हजार पुराना बकाया, 38 हजार विलंब शुल्क
बिल में जिक्र है कि 93,810 रुपये का बकाया था। उसपर 38,957 रुपये विलंब अधिभार है। इसके अलावा ताजा बिल मिलाकर कुल 1,38,391 रुपये का भुगतान करना है। अगर 22 फरवरी तक भुगतान होता है तो यह बिल 1,36,943 रुपये होगा।