6 घंटे विलंब से पहुंची रेस्क्यू टीम, सभी प्रयास विफल
इधर, भैंस द्वारा दो लोगों की जान ले लेने के करीब 6 घंटे बाद वन विभाग की टीम रेस्क्यू के लिए घटनास्थल पहुंची। स्थानीय लोगों द्वारा काफी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम को कोसी तटबंध के इलाके में ले जाया गया। वहां रेस्क्यू टीम ने चॉकलेट बम के अलावा ट्रैक्टर का भी इस्तेमाल किया, लेकिन करीब एक घंटे तक चला प्रयास विफल रहा। इस बीच भैंसे ने स्पर संख्या 4.30 के रास्ते एक बार फिर गांव की ओर दौड़ लगा दी। 500 मीटर लंबे स्पर को भैंसे ने महज पांच सेकेंड में पार कर लिया। भैंसे को दौड़ता देख लोगों में अफरातफरी का माहौल बन गया। वही भागने के क्रम में भैंसे ने वन विभाग के फॉरेस्टर उपेंद्र मेहता और रेंजर अजय कुमार ठाकुर को घायल कर दिया। दोनों के पैर में गंभीर चोट है। फिलहाल दोनों का इलाज चल रहा है।
पीएचईडी मंत्री भी घटनास्थल पहुंचे, कैंप कर रही थी तीन थानों की पुलिस
इधर, घटना की सूचना पर सूबे के पीएचईडी मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू भी बाइक से घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर जरूरी सहयोग का आश्वासन दिया। इस बीच भैंस को रेस्क्यू करने का प्रयास भी जारी रहा। शाम करीब 6:30 बजे भैंस के मारे जाने की सूचना सामने आई। हालांकि गोली किसने चलाई, इसको लेकर कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। बहरहाल, इस दौरान घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही। वही भीमनगर के साथ ही वीरपुर और रतनपुर थाने की पुलिस घटनास्थल पर कैंप करती रही।