बिहार के जहरीली शराब पीने से अब तक 21 लोगों की मौत हो गई है। गोपालगंज में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है जबकि बेतिया में आठ लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में राजद नेता तेजस्वी यादव ने शराबबंदी को लेकर नीतीश सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा बिहार में किस बात की शराबबंदी है? इन मौतों का जिम्मेवार कौन है? बिहार में 20 हजार करोड़ की अवैध शराब की तस्करी और समांतर ब्लैक इकॉनमी के सरगना सामने आकर इसका जवाब दें। वहीं, जदयू ने कहा कि तेजस्वी को तारापुर और कुशेश्वरस्थान में मिली हार की बौखलाहट है।
नेता प्रतिपक्ष ने गिनाए आंकड़े
बिहार के तारापुर और कुशेश्वरस्थान में हुए उपचुनाव में जदयू ने दोनों सीटो पर कब्जा बरकरार रखा। चुनाव परिणाम आने के बाद अब तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि उपचुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शह पर उनके मंत्रियों और पुलिस प्रशासन ने स्वयं मतदाताओं के बीच शराब वितरण किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि अधिकांश शवों को पुलिस बिना पोस्टमॉर्टम के जला रही है। नेता प्रतिपक्ष ने गुरुवार को आंकड़े गिनाते हुए कहा है कि मुजफ्फरपुर में 5 दिन पूर्व जहरीली शराब से 10 मरे, गोपालगंज में 20 मरे और बेतिया में 10 लोग मरे।
सारे आरोप हार की बौखलाहट से उपजे हुए हैं
उधर, तेजस्वी के आरोप के जवाब में जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव अप्रवासी बिहारी हैं। उन्हें बिहार की स्थिति की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वे चुनाव हार गए हैं तो आरोप लगा रहे हैं। नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव के सारे आरोप हार की बौखलाहट से उपजे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने बिहार का नेता प्रतिपक्ष बनाया है। वे बयान दिल्ली में बैठ कर दे रहे हैं। पिता-पुत्र की राजनीतिक पर हलन्त लग गया है।