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Bihar : पटना में तीन हजार शिक्षकों को किया गया सम्मानित, सेंट माइकल को मिला बेस्ट स्कूल ऑफ द ईयर

Sun, 08 Sep 2024 06:03 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : बिहार के 38 जिलों के तीन हजार शिक्षकों को शिक्षा और समाज में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस मौके पर सेंट माइकल हाई स्कूल को भी वर्ष 2024 के सर्वश्रेष्ठ स्कूल के अवार्ड से सम्मानित किया गया।
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सम्मानित होते सेंट माइकल हाई स्कूल के प्रिंसिपल फादर क्रिस्टू। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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प्राइवेट स्कूलस एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन ने बिहार के 38 जिलों के 3000 शिक्षकों को शिक्षा और समाज में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का जश्न मनाने वाला यह कार्यक्रम राज्य भर के शिक्षकों के समर्पण और कड़ी मेहनत का प्रमाण था। इसने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से बिहार के भविष्य को आकार देने में उनके अथक प्रयासों को स्वीकार करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया। इस मौके पर सेंट माइकल हाई स्कूल को एसोसिएशन की ओर से वर्ष 2024 के सर्वश्रेष्ठ स्कूल के अवार्ड से सम्मानित किया गया, जिसे सेंट माइकल हाई स्कूल के प्रिंसिपल फादर क्रिस्टू के हाथो में सौंपा गया।

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कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए राजस्व और भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि निजी विद्यालयों के उत्कृष्ट कार्य बिलकुल भुलाए नहीं जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों की जो भी समस्याएं हैं उन्हें दूर किया जाएगा और शिक्षक विभाग के पदाधिकारियों का इंस्पेक्टर राज नही चलेगा। उन्होंने कहा कि आज जो बिहार की शिक्षा है वह निजी विद्यालयों के कारण ही है। उन्होंने यह भी कहा कि आरटीई का रुपया सरकार को अविलंब देना ही होगा। यदि रुपया नहीं दे सकते तो ऐसा कानून क्यों बनाते है। ऐसा बिल्कुल नही चलेगा। उन्होंने कहा कि प्राईवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने बिहार के निजी विद्यालयों का एक मजबूत संगठन बनाया है, जो सराहनीय है और इनके माध्यम से विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद तारिक अनवर ने कहा कि देश के कल्याण में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान है और देश को प्रगति की ओर अग्रसर करने में निजी विद्यालयों का परिश्रम, त्याग और बलिदान मुख्य है। उन्होंने एसोसिएशन के अंतर्गत कार्य कर रहे सभी निजी विद्यालयों के संचालकों को उत्कर्ष कार्य करने हेतु बधाई दी।
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माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष, सैयद शमायल अहमद ने शिक्षक समुदाय के लिए अनुग्रह और प्रशंसा के साथ कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अपने संबोधन में, उन्होंने युवा दिमाग को पोषित करने और भविष्य के नेताओं को ढालने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "शिक्षक ज्ञान और मूल्यों के पथप्रदर्शक होते हैं। शिक्षा प्रदान करने के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता समाज में प्रगति की आधारशिला है। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने कहा कि प्रतिवर्ष इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों को शिक्षा जगत में किए गए उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उनको बहुत बहुत बधाई देता हूं। साथ ही संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद को भी उन्होंने बधाई देते हुए उनकी भूरी-भूरी प्रशंसा की।

कार्यक्रम में मौजूद मुख्य अतिथि आईपीएस अधिकारी शफीउल हक़ ने कहा कि आज हिंदुस्तान में उन्नति एवं शिष्टाचार यदि है तो सिर्फ निजी विद्यालय की वजह से है। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालय के अंतर्गत जो पढ़ाई और शिष्टाचार बच्चों को दिया जाता है, उसका कोई मुकाबला नहीं और इस प्रकार से निजी विद्यालय में पढ़ाई कराने वाले मेहनत एवं लगन से बच्चों को सींचने और संवारने वाले शिक्षकगणों का मैं कोटि-कोटि आभार प्रकट करता हूं। इन नगीनों को परखने वाले जोहरी और संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद का जिन्होंने इन महान गुरुजनों को सराहने का काम किया है।

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