'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' भी बिहार में है और अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र में लोगों से बातचीत करने के लिए पहुंच चुका है। इस बार यह यह सीट भी काफी में चर्चा हैं। दो बार सांसद रह चुके और इस बार बहुजन समाज वादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे डॉ. अरुण कुमार ने चिराग पासवान की पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने चिराग पासवान पर कई आरोप लगाए। साथ ही एनडीए और इंडी गठबंधन के प्रत्याशियों को बाहरी उम्मीदवार बता दिया। खुद लोकल होने की बात कह इस बार चुनाव मैदान भाग्य आजमा रहे हैं।
चर्चा के बहाने वोटरों से उनके मन की बात पूछी गई
इस बार इस सीट से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर से चंद्रेश्वर चंद्रवंशी चुनाव लड़ रहे हैं। महागठबंधन ने वरीय नेता सुरेंद्र यादव सिंह को टिकट दिया है। वहीं राजद के प्रदेश महासचिव और पूर्व विधायक मुनिलाल यादव ने पार्टी से बगावत कर दिया और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन कर दिया है। ऐसे में इस सीट से त्रिकोणीय मुकाबला हो गया। इन सब के बीच जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र के रेलवे स्टेशन के पासचाय पर चर्चा के बहाने वोटरों से उनके मन की बात पूछी गई। चाय की चुस्की के साथ जहानाबाद लोकसभा सीट के मतदाताओं ने इलाके में विकास, जाम, उद्योग, रोजगार समेत कई मुद्दों पर बात की।
गांव में सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है
मतदाताओं ने कहा कि जहानाबाद कृषि प्रधान जिला है। कई दशकों तक जहानाबाद गरीबी और नक्सल से प्रभावित रहा। 2005 के बाद तस्वीर बदली है। यहां के मुख्य मुद्दा स्वास्थ्य और शिक्षा है। न बेहतर अस्पताल है और न ही बेहतर सड़क और शौचालय का काफी अभाव है। गांव में सिंचाई पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। किसान भगवान भरोसे की खेती कर रहे हैं। प्रतिनिधि विकास की ओर ध्यान नहीं दे रहे।